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Indore News: अपना गहना गिरवी रखने के बाद जो लोग व्यापारियों का फोन नहीं उठाते थे, वो अब तकादा करने सराफा बाजार पहुंच रहे हैं. सोने के दाम बढ़ने के बाद इंदौर सराफा बाजार में नया खेल शुरू हो गया है. नौबत पुलिस तक की आ रही है. इससे व्यापारी परेशान हैं. रोज कोई न कोई केस खुल रहा है. जानें माजरा…
Indore News: सोने-चांदी की कीमतें इन दिनों आसमान छू रही हैं. गहने बनवाना अब आम आदमी के बस से बाहर होता जा रहा है. लेकिन, कई लोग इसमें अवसर भी ढूंढ रहे हैं. इंदौर के सराफा में 2 सप्ताह में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब लोगों को अपने ‘भूले गहने’ अचानक याद आ गए. ये वो गहने थे, जिसे पैसे लेकर गिरवी रखा गया था. सर्राफा एसोसिएशन के हुकुम सोनी ने बताया, लोग अपने 20 साल पुराने गहने वापस लेने आ रहे हैं. इसमें वह लोग हैं जो व्यापारी के बार-बार फोन लगाने पर भी ब्याज का पैसा नहीं लौटाते थे. बहाने बनाकर फोन काट देते थे.
दाम बढ़ने के बाद अब ये लोग व्यापारियों के पास पहुंचकर पुरानी परियां दिखाते हुए अपना सोना मांग रहे हैं. जबकि, इतने समय तक कोई भी गहना नहीं रखता. इसे गलाकर इस्तेमाल में ले लिया जाता है. जो भी लोग आते हैं, वह बाद में मान जाते हैं. कुछ लोग पुलिस तक भी शिकायत लेकर जाते हैं, लेकिन जो लिखा-पढ़ी है, उससे स्थिति साफ हो जाती है. लोग केवल चांस लेने आ रहे हैं. इससे धंधा खराब हो रहा है. सराफा के साथ दुकान पर आए दूसरे ग्राहक भी डिस्टर्ब हो जाते हैं. यह तरीका अब चलन में आ गया है.
अधिकतर लोग चांस लेने आ रहे…
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अजय लाहोटिया ने बताया, बाजार में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. इसमें अधिकतर लोग केवल चांस लेने आते हैं कि कहीं गलती से उन्हें गिरवी रखी रकम मिल गई तो अच्छा मुनाफा हो जाएगा. इनमें से अधिकतर वो लोग हैं, जिन्होंने व्यापारियों के पास सोना गिरवी रखा था और ब्याज का पैसा भी नहीं लौटाते थे. व्यापारी एक समय तक ही जेवर रख सकता है. उसके बाद उसे गलाकर निकाल दिया जाता है. बैंक तो 1 साल में ही रखा हुआ सोना बेच देता है और ब्याज का पैसा ना देने पर पेनल्टी भी लगाता है, जबकि व्यापारी 3 से 4 साल तक लोगों के गहने संभाल कर रखते हैं. क्योंकि, वो इसका मोल और लोगों की भावनाएं समझते हैं. ज्यादातर ग्राहक परिचित ही होते हैं जो जरूरत पड़ने पर पैसे लेकर जाते हैं.
दो-तीन पीढ़ी पुराने कागज लेकर आए
हालांकि, कुछ लोग अपनी दो-तीन पीढ़ियों पुराने रखे सोने के कागज लेकर आ रहे हैं. ज्यादातर लोग समझने पर मान जाते हैं. दरअसल, सराफा में आज भी सोने-चांदी की बिक्री से ज्यादा गिरवी रखने और ब्याज पर पैसे के लेनदेन का व्यापार होता है. जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सोने के बदले पैसा मिल जाता है, लेकिन पहले सोने की कीमत इतनी नहीं थी. लोग दुकान पर ही जेवर छोड़ देते थे. ब्याज न भरना पड़े, इसलिए अपना सोना भी नहीं लेते थे. लेकिन जिन्होंने ज्यादा सोना गिरवी रखा था, उन्हें लगता है कि इसके बदले उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है, इसलिए वही लोग अपना सोना-चांदी वापस छुड़ाने व्यापारियों के पास आ रहे हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें