घरवाले बोले संगीत ले डूबेगा… और बेटी SSC छोड़कर संगीत में ही डूब गई! उभरती बुंदेली सिंगर की गजब कहानी

घरवाले बोले संगीत ले डूबेगा… और बेटी SSC छोड़कर संगीत में ही डूब गई! उभरती बुंदेली सिंगर की गजब कहानी


Bundeli Singer Khushi Tiwari. छतरपुर में खजुराहो के जटकरा गांव की रहने वाली खुशी तिवारी उभरती हुई बुंदेली सिंगर हैं. खशुी ने सरकारी नौकरी की तैयारी छोड़ गायकी को अपना करियर बनाया. हालांकि, ये सब इतना आसान नहीं था. क्योंकि, परिवार वाले बेटी को सरकारी नौकरी में देखना चाहते थे. लेकिन, बेटी का मन संगीत में लग गया. छतरपुर जाकर पढ़ाई के साथ सिंगिंग में नाम कमाया. बचपन से बुंदेली सिंगिंग करने लगी थीं. लेकिन मंच नहीं मिल रहा था. हालांकि, खुशी अब छतरपुर के बड़े मंच तक सीमित नहीं रहना चाहती हैं. वह बड़े शहरों में भी जाकर नाम कमाना चाहती हैं.

मोहल्ले में भजन गाने से शुरुआत 
जटकरा की खुशी तिवारी ने लोकल 18 को बताया, जब मैं कक्षा 7वीं में पढ़ती थी तो मोहल्ले में भजन होते थे. भजन गाने के लिए आंटी अपने घर बुलाया करती थीं तो हम ऐसे ही गाने चले जाते थे. धीरे-धीरे गाने में रुचि बढ़ने लगी. लोगों को भी मेरा गाना पसंद आने लगा.

बाबा से सीखा संगीत 
खुशी बताती हैं कि हमारे घर में बाबा बुंदेली लोकगीत गाते थे. उनका ये प्रोफेशन भी था. घर में भी गाते थे. मैं बचपन से बाबा की आवाज को सुनती आई थी. मैं उनके वीडियो देखती और सुनती, सीखती थी.

संगीत शिक्षा भी ली 
साथ ही छतरपुर की प्रसिद्ध बुंदेली लोकगीत गायक उर्मिला पांडे से भी सीखा. उनके लोकगीत सुने, शुरुआत में उन्हीं के लोकगीत याद करके गांव में भजन सुनाने जाती थी. धीरे-धीरे उनके स्वर में गाने लगी और लोग मेरे बुंदेली लोकगीत और भजन सुनना पसंद करने लगे. खजुराहो में भी त्रिवेदी सर के यहां संगीत शिक्षा ली है. खुशी बताती हैं कि बुंदेली लोकगीत में कछियाई, दादरा और गारी जैसी तमाम विधाएं होती हैं, लेकिन मुझे राई स्वर बहुत पसंद है.

राई स्वर में ऐसे भजन चलते हैं…

“रे भोला भरे चिलम में गांजो, गौरा नजर उतारे रे”

“कर-कर वादा निभाय नइया, कर-कर वादा निभाय नइया.
कान्हा बेइमान आए नइया, कान्हा बेइमान आए नइया”

SSC परीक्षा छोड़ संगीत चुना 
खुशी बताती हैं कि मैं छतरपुर में बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई भी कर रही हूं. साथ ही SSC परीक्षा की तैयारी भी करती रही, लेकिन अब मेरा मन पढ़ाई में नहीं लगता है. मुझे संगीत में ही करियर बनाना है. हालांकि, फैमिली का कहना है कि ये संगीत तुम्हें ले डूबेगा.‌ लेकिन, आप सभी लोगों का आगे भी ऐसे ही सपोर्ट बना रहेगा तो मैं बुंदेली लोकगीत को बहुत आगे तक ले जाना चाहती हूं.

सोशल मीडिया पर पहला वीडियो वायरल 
खुशी ने बताया, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट भी बना लिया है. हालांकि, अभी इंस्टाग्राम पर ही अकाउंट बनाया है. Khushi 2.0 के नाम से अकाउंट है. इंस्टाग्राम में अभी सिर्फ एक वीडियो ही अपलोड की है, जिसमें लगभग 60 हजार व्यूज भी आ गए. अब आगे युटयूब और फेसबुक में भी अकाउंट बनाना है.



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