उनकी टीम में वहाब रियाज हैं और उनके दोस्त हैं जो एक ग्रुप की शक्ल में सामने आ रहे हैं. क्या तीन-चार लोगों के अलावा किसी को क्रिकेट का कुछ पता नहीं है? पाक के हारना मना है प्रोग्राम में पाक की हार पर उन्होंने कहा कि आप देखें कि वहाब आया उसके बाद सरफराज आया उसके बाद अजर अली आया उसके बाद असद शफीक आया उसके बाद अजहर महमूद आया ये पांच छह लोग आ गए. उसके बाद फ्रेंजाइजी से लोग आने लगे. अभी लाहौर कलंदर के काफी लड़के खेल रहे थे. इस्लामाबाद यूनाइटेड के शादाब जब टीम में नहीं थे, तब से ये जा रहा था कि वह टीम में आएगा और ऐसा हुआ. आप ले तो आए, मगर कैसे जस्टिफाई करेंगे.
शहजाद कहते हैं कि हजार मौके लें, मगर टीम को कुछ दे तों. वही पुराने चेहरे जो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं, मगर टीम में हैं. कोई बताए शादाब की परफॉर्मेंस, कैसे टीम में आ गए. कभी आप उसे बेस्ट फील्डर कहने लगते हैं, उसका कंधा ही खराब है, कैसे वो बेस्ट फील्डर हो जाएगा. आजम को तो कितने चांस दिए गए, अब तो हमें तरस आने लगी हैं, कि बार बार बैठकर उसी की बातें कर रहा हूं, शर्म आनी चाहिए अब तो इन तीन चार लोगों के लिए एक प्रोग्राम बना दे चाहिए, घरेलू क्रिकेट खिलाएं और फिर अच्छा खेलें तो टीम में आने दें.
अब साइम अयूब की बात करें, अब एसीसी के इवेंट्स में जो है ना साइस अयूब की परफॉमेंस निकाल दें तो परफॉर्मस क्या है भाई की? 6, 17, 0, 21, 0, 14, 24 इससे आप वर्ल्डक्लास टीम चुन रहे हैं. मिडिल ऑर्डर में हसननवाज हैं, जिसने बेड़ा गर्क कर दिया.
बाबर ने 3 से 4 साल में कोई मैच जितवा दिया हो तो बता दें, दुख होता है, टीम जब हारती है तो आवाम को तकलीफ होती है. मुझे तो लगता है कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी टीम की इतनी आलोचना नहीं सुनी, जितनी मैनें खुद कर दी है.
-अहमद शहजाद
पूर्व क्रिकेटर राशिद लतीफ ने कहा कि हमें तो मैच का रिजल्ट पहले से ही पता था, कोई मुकाबला ही नहीं है. हमारी प्लेइंग इलेवन ही खराब थी. रिश्तेदारों को खिलाने के लिए टीम को ही बर्बाद कर दिया है, इतने अच्छे कोच गैरी कर्स्टन थे, आपने काम नहीं करने दिया, फिर आपने जेसन गिलेस्पी को भी हटा दिया.
आप ऐसा कोच ले जाए तो पीएसएल की फ्रेंचाइची को कोचिंग दे रहा है, ताकि अपने प्लेयर खिला सकें. ऐसे प्लेयर्स को बाहर करना चाहिए, युवाओं को मौका देना चाहिए. उस्मान तारिक की इतनी बात हो रही थी, मगर कोच ने कब उसे बॉल थमाई 11 वें ओवर में और विकेट कौन ले रहा है, साइम अयूब, जिसे रन बनाने हैं. पांच छह साल में बोर्ड कोई ऐसा प्लेयर बता दे जो वर्ल्डकप खेला हो और टीम के अंदर हो, कहां गए ये सारे. हम उस्मान खान को बाहर से ले आए, उस्मान तारिक को बाहर से ले आए.
चैनल की वजह से हमें पाकिस्तान को सपोर्ट करना पड़ता है, नतीजा तो हमें पहले से ही पता था. कोई मुकाबला ही नहीं है, भारत के पास जो प्लेयर्स हैं, जो मेरिट है वो हमारे पास नहीं है.
– राशिद लतीफ, पूर्व क्रिकेटर

पाक के तेज गेंदबाज रहे मो.आमिर ने कहा कि हमारी ताकत गेंदबाजी है, मगर हमें उसे ही अंडर प्रेशर कर रहे हैं. हम अगर अपनी वीकनेस पर ही ध्यान नहीं देंगे तो कैसे खेलेंगे. मैं नहीं कहता कि हमें इतिहास में ज्यादा दूर जाने की जरूरत है, इसी टूर्नामेंट में ही अगर हम देख लें चेज करने में हमारे पसीने छूट रहे हैं, मगर पर भारत को पहले खेलने के लिए बुला लेते हैं. असल में पूरा सिस्टम ही खराब है फखर जमान बाहर बैठा हुआ है.
परफॉर्म नहीं कर रहा. चलो फखर नहीं कर रहा, मगर वह तो 4 नंबर का बल्लेबाज है, आप बाबर को ओपनिंग से 3 नंबर पर लाते हैं, फिर चार खिलाते हैं, क्यों भाई, फखर को मौका क्यों नहीं दे रहे जब आप पहले ही उसे ओपनिंग से 4 नंबर पर ले आए हैं. उसका करियर खराब करवाया और उसे मौका भी नहीं दे रहे.
दूसरा जब सलमान मिर्जा इनफॉर्म बॉलर था. पहले मैच से क्या वो जितनी सीरीज में जितना उसको मौका मिला है उस लड़के ने परफॉर्म किया है. शाहीन पिछले कितनों दिनों से अच्छी परफॉर्मेंस नहीं दे रहे, फिर भी आप लगातार खिला रहे हैं. अब जब आपका सारा प्लेयर का सिस्टम ऊपर नीचे है ना तो आपका राइट कॉम्बिनेशन बनता है और न ही टीम परफॉर्म कर पाएगी. आपने फहीम को फील्डिंग ऑलराउंडर बनाया हुआ है मगर आप उससे न बॉलिंग ही नहीं कराते.
हम किसे दोष दें, आकिब जावेद साहब को या सिलेक्टर्स को. उन्होंने ये टीम सिलेक्ट की है, प्लानिंग किसे करनी है, कोच को और कप्तान को. सवाल तो उनसे होना चाहिए, कि उन्होंने जो किया वो सही है?
– मो. आमिर, पूर्व क्रिकेटर