T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की सरजमीं पर खेले जा रहे टी20 विश्व कप 2026 में 20 में से 8 टीमें ग्रुप स्टेज से बाहर हो चुकी हैं. बाहर होने वाली टीमों में कनाडा का नाम भी है, जिसे इस बार चार में चार मैचों में हार झेलनी पड़ी. उसने अपना आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई के चेपॉक मैदान पर खेला. यह मैच कनाडा के कप्तान नवनीत धालीवाल का आखिरी इंटरनेशनल मैच साबित हुआ, क्योंकि न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप स्टेज का तीसरा मैच हारते ही उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया था और अफगानिस्तान के खिलाफ चेन्नई में अपना आखिरी मैच खेला.
न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद कनाडा टीम का सफर खत्म हो गया था. जिसके बाद नवनीत धालीवाल ने अपने संन्यास की पुष्टि की थी. दाएं हाथ के इस सीनियर बल्लेबाज ने बताया था कि उन्होंने संन्यास का फैसला इस टी20 विश्व कप 2026 में आने से पहले ही कर लिया था. कनाडा के लिए उन्होंने 2015 से लेकर 2026 तक क्रिकेट खेला. वह कनाडा के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं. खास बात ये है कि अपने 49 मैचों के टी20 करियर में उन्होंने 21 मैचों में कप्तानी भी की.
2024 के टी20 विश्व कप में खेली थी यादगार पारी
नवनीत धालीवाल ने बताया कि उनके करियर का सबसे खास पल टी20 विश्व कप 2024 के लिए क्वालीफाई करना था और पहले ही मैच में 61 रनों की पारी खेलना था. उन्होंने 21 मैचों में कनाडा को जीत दिलाई, यह उनके लिए सबसे गौरवान्वित करने वाला पल है. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब यह खिलाड़ी कोचिंग में योगदान देगा. वह ग्रासरूट लेवल पर युवाओं को कोचिंग देंगे. उनका मानना है कि क्रिकेट में कनाडा का भविष्य उज्ज्वल है.
कैसा है नवनीत धालीवाल का करियर
नवनीत धालीवाल का जन्म तो पंजाब के चंडीगढ़ में हुआ, लेकिन क्रिकेट उन्होंने कनाडा के लिए खेला. वह सालों पहले वहीं शिफ्ट हो गए थे. अपने करियर में उन्होंने कनाडा के लिए 17 वनडे में 465 रन बनाए, जिसमें 4 फिफ्टी शामिल हैं. वहीं टी20 के 49 मैचों में 1305 रन बनाए, जिसमें हाई स्कोर 70 रन है. उनके बल्ले से 10 अर्धशतक निकले. इस सीजन कनाडा के लिए धालीवाल नहीं बल्कि दिलप्रीत बाजवा ने कप्तानी की है.
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