मध्य प्रदेश के मंदसौर में बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर और ड्रग माफिया वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालत में मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत कान के पीछे गोली लगने से हुई। गोली कान के पीछे से घुसकर आंख
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एडिशनल एसपी हेमलता कुरील ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौत पुलिस की पिटाई से नहीं हुई, बल्कि गोली मारी गई थी। भय्यू लाला को तीन लोग एक निजी क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। क्लीनिक से लौटने के बाद उसे घर लाकर पलंग पर सुलाया गया।
इसके बाद परिजन और अन्य लोगों ने स्थानीय पुलिस, पड़ोसियों को सूचना दी गई। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वे तीन लोग कौन थे। गोली किसने और किन परिस्थितियों में मारी। इसके पहले पुलिस ने कहा था कि दम घुटने से जान गई। परिजनों ने कहा था कि 6 लाख लेकर भी पुलिस ने मार दिया।
वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए…
बेड के नीचे भय्यू लाला की लाश मिलने का दावा किया गया।

इस कमरे में भय्यू की लाश मिली थी।

भास्कर की टीम जब सुरजनी गांव पहुंची, तब भय्यू का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा था।
शव को घर लाए, फिर वीडियो बनाया गया
एडिशनल एसपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि परिजन उसे गांव से करीब एक किलोमीटर दूर तितरोद स्थित झोलाछाप डॉक्टर राजाबाबू मंसूरी के क्लीनिक ले गए थे, जहां उसे मृत घोषित किया गया। इसके बाद शव को घर लाकर बेड में रखकर वीडियो बनाया गया।
बाथरूम में गीजर के ऊपर पिस्टल मिली
ASP हेमलता ने बताया कि फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई। पुलिस सर्च के दौरान बाथरूम में गीजर के ऊपर एक पिस्टल मिली। पिस्टल को जब्त कर लिया गया है। जांच की जा रही है कि भय्यू को गोली किस पिस्टल से लगी और किसने चलाई।
18 फरवरी यानी बुधवार को शव मिलने के बाद कमरा सील किया गया था। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में घर की तलाशी ली गई। पुलिस सर्च के दौरान बाथरूम में गीजर के ऊपर एक पिस्टल मिली। पिस्टल को जब्त कर लिया गया है।
जांच की जा रही है कि भय्यू को गोली किस पिस्टल से लगी और किसने चलाई। हालांकि, भय्यू लाला के परिजन ने पिस्टल फर्जी तरीके से रखने का आरोप लगाया है।
अब पढ़िए भय्यू लाला की मौत पर किसने क्या कहा था ?
बेटा बोला- पापा पर कई केस, लेकिन ज्यादातर झूठे
इसके पहले भय्यू के बेटे शाहिद ने पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा था- मेरे पापा पर कई केस थे, लेकिन ज्यादातर झूठे थे। वह कोर्ट में सरेंडर करने वाले थे, इसीलिए कुछ दिन पहले ही पुलिस अफसरों को 6 लाख रुपए देकर आए थे, ताकि कोई परेशानी न हो, लेकिन पुलिस ने धोखा दिया और उन्हें मार मार डाला।
शाहिद ने घटना का जिक्र करते हुए बताया, पुलिस की टीम घर आई। करीब 15-20 जवान तीन घंटे तक घर में रहे। वे मुझे पुलिस की गाड़ी में बिठाकर गांव से दूर ले गए। वहां कोरे कागज पर साइन करा लिया। धमकाया कि मीडिया को कुछ बताया तो 10-20 साल के लिए जेल में डाल देंगे।

पत्नी का आरोप- डेढ़ घंटे तक मारते रहे, मैं चीखती रही
भय्यू की पत्नी रुखसाना ने बताया था कि ‘मैं और मेरे पति अंदर वाले कमरे में बैठे थे, तभी अचानक पुलिसवाले आ गए। टीआई साहब पलंग पर बैठकर बात कर रहे थे। अचानक उन्होंने एक जवान को डीवीआर की तरफ इशारा किया।
इसके बाद जवान ने डीवीआर निकाल लिया। पुलिस वाले मेरे पति को घसीटकर एक कमरे में ले गए। पुलिस ने मुझे कमरे में बंद कर दिया। बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। अंदर से मेरे पति की चीखने की आवाजें आ रही थीं। पति को पीटते रहे, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गई।

मृतक वाहिद उर्फ भय्यू लाला की पत्नी रुखसाना ने पुलिस महकमें पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रुखसाना ने बताया कि 5-6 महीने पहले भी मैंने इनकी (पुलिस) शिकायत की थी। पिछले 1 महीने से हर दो से तीन दिन में 181 पर इनकी शिकायतें कर रह रही हूं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीतामऊ पुलिस लाखों रुपए की मांग की। हर साल भय्यू पर फर्जी केस बनाती थी।
SDOP, TI और अन्य पुलिसवालों पर हत्या का आरोप
रुखसाना के मुताबिक महिला पुलिसकर्मियों ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति, टीआई कमलेश प्रजापति सहित अन्य पुलिसकर्मी घर में आए थे। दो महिला पुलिस भी थी। करीब 2 से 3 घंटे तक ये घर में ही रहे। वह चिल्लाता रहा और इन्होंने उसे मार डाला। मुझे भी धमकाया कि तुझे थाने तक घसीटेंगे।
बेटी की शादी के लिए करना चाहता था सरेंडर
परिवार का कहना था है कि भय्यू अपनी बेटी की शादी करना चाहता था और एक सामान्य जीवन जीना चाहता था, इसलिए उसने पुलिस से सेटिंग कर कोर्ट में सरेंडर करने का फैसला किया था। वह इसी सिलसिले में बात करने के लिए सुरजनी आया था, लेकिन पुलिस ने उसे मार दिया।

वारदात के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस का दावा- हत्या नहीं, हादसा
वहीं सीतामऊ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया था कि- ‘भय्यू लाला पर कई गंभीर केस दर्ज थे। वह 5 हजार रुपए का इनामी था। पुलिस उसकी तलाश में दबिश देने गई थी, लेकिन वह घर में नहीं मिला। बाद में हमें 112 इमरजेंसी नंबर से सूचना मिली कि भय्यू की मौत हो गई है।
पुलिस ने दावा किया था कि जब टीम दबिश देने पहुंची तो उनसे बचने के लिए भय्यू घर में बने बेड के बॉक्स में छिप गया। पुलिस ने घर की तलाशी ली, जब वह नहीं मिला तो टीम लौट गई, लेकिन बेड में हवा न मिलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई।

अब जानिए कौन था भय्यू लाला, जिसे 3 राज्यों को थी तलाश
पुलिस रिकॉर्ड में वाहिद उर्फ भय्यू लाला कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि ड्रग्स माफिया होने के साथ हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में शामिल था। किसान परिवार से ताल्लुख रखता था। भय्यू को मप्र के अलावा महाराष्ट्र और राजस्थान की पुलिस तलाश रही थी।
वाहिद उर्फ भय्यू लाला ने साल 2003 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और फिर उसके खिलाफ साल दर साल लगातार अपराध दर्ज होते चले गए। 23 साल में उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार और मादक पदार्थ तस्करी जैसे 19 गंभीर केस दर्ज हुए।

भय्यू लाला कैसे चलाता था सिंडिकेट?
ड्रग्स का बड़ा नेटवर्क: 19 में से 8 मामले अवैध मादक पदार्थ तस्करी के थे। वह मंदसौर-नीमच क्षेत्र में एमडी ड्रग्स का बड़ा तस्कर माना जाता था।
मुंबई-ठाणे कनेक्शन: 11 जनवरी 2026 को मुंबई और ठाणे पुलिस ने जावरा से 10 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी। मंदसौर के मनोहर गुर्जर और जाजू सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन भय्यू लाला फरार होने में कामयाब हो गया था, तब से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
नाबालिगों का इस्तेमाल : भय्यू पैसों का लालच देकर नाबालिग और कॉलेज के छात्रों को अपने ड्रग्स नेटवर्क में इस्तेमाल करता था, ताकि पकड़े जाने पर उन्हें कानूनी राहत मिल सके। हाल ही में एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए कई युवकों ने उसका नाम लिया था।
अब आगे क्या?
फिलहाल, इस मामले में सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही सामने आएगी। रिपोर्ट से यह साफ होगा कि मौत का कारण दम घुटना है या शरीर पर लगी चोटें। परिवार ने एसपी को नामजद शिकायत देकर आरोपी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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हिस्ट्रीशीटर भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत:मंदसौर में दबिश के दौरान बेड में लाश मिलने का दावा
मंदसौर जिले के सुरजनी गांव में बुधवार रात कुख्यात हिस्ट्रीशीटर तस्कर वाहिद उर्फ भय्यू लाला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भय्यू लाला को 3 राज्यों की पुलिस तलाश रही थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की दबिश के दौरान वह बचने के लिए घर में रखे दीवान (बॉक्स वाले बेड) के अंदर छिप गया था, जहां दम घुटने से उसकी जान चली गई। पढ़ें पूरी खबर…