भाेपाल के हर्षवर्धन नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गोवर्धन पूजा हुई। कथा के दौरान भागवताचार्य पंडित रामकिशोर वैदिक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पूजा की परंपरा स्थापित कर प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया था। प्रकृति की सेवा ही सच्ची पूजा है और गोवर्धन पूजा इसी भावना का प्रतीक है। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस मौके पर ज्योतिष मठ के संस्थापक पं. विनोद गौतम, विधायक भगवान दास सबनानी और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों व भक्तों ने गोवर्धन पूजा में भाग लेकर कथा का रसपान किया। मुख्य व्यवस्थापक अभिषेक मालवीय ने बताया कि 24 फरवरी को कथा का भंडारे के साथ समापन किया जाएगा।
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