हरदा जिले की टिमरनी तहसील स्थित बांसकारी बांस टेक्नोलॉजी सेंटर सह कॉमन फैसिलिटी सेंटर में “हरदा बांसकारी महोत्सव-2026” का आयोजन किया गया। महोत्सव में बांस आधारित आजीविका, उद्यमिता और बाज़ार संभावनाओं की नई दिशा प्रस्तुत की गई। यह कार्यक्रम दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) और सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में, मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के सहयोग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बांस उत्पादों की प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जिसके बाद औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि कलेक्टर सिद्धार्थ जैन सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने इसमें भाग लिया। बांसकारी एवं सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका जैन ने स्वागत भाषण देते हुए बांसकारी की यात्रा, कॉमन फैसिलिटी सेंटर की भूमिका और महिलाओं, युवाओं व कारीगरों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डाला। ओडीओपी और बाज़ार से जुड़ाव पर चर्चा
डिक्की के अध्यक्ष डॉ. अनिल सिरवैया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के तहत बांस आधारित उद्यम विकास, बाज़ार से जुड़ाव और उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में एमपीआईडीसी के रीजनल ट्रेड एडवाइजर शुभम गुप्ता ने बांस की निर्यात संभावनाओं और सरकारी सहयोग योजनाओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। बांस हरदा की आर्थिक पहचान: कलेक्टर
मुख्य अतिथि कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि बांस केवल एक शिल्प नहीं, बल्कि हरदा जिले की आर्थिक पहचान है। उन्होंने कारीगरों को कच्चे बांस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वन भूमि या अन्य उपयुक्त भूमि पर बांस प्लांटेशन तथा मनरेगा के माध्यम से बांस रोपण की संभावनाओं पर कार्य करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि कलेक्टोरेट सहित सरकारी आयोजनों में फूलों के गुलदस्तों की जगह बांस से बने प्लांटर और अन्य उत्पाद भेंट स्वरूप अपनाए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। साथ ही होटल उद्योग और सरकारी कार्यालयों में उपयोग होने वाली सामग्रियों को बांस से बनाने के लिए टाई-अप के प्रयास भी किए जा रहे हैं। तकनीकी विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधि तथा बैंबू प्रोडक्शन एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट एक्सपर्ट श्याम विश्वनाथ ने बांस उत्पादन, गुणवत्ता, डिजाइन और उत्पाद विकास पर तकनीकी जानकारी साझा की। वहीं वॉलमार्ट वृद्धि के प्रतिनिधि समीर मिस्त्री ने ई-कॉमर्स सपोर्ट, निर्यात सहयोग और लोकल-टू-ग्लोबल बिजनेस मॉडल पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
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