इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग के निर्माण को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में जमीनी स्तर पर स्वीकृति दी है और उचित मुआवजे की व्यवस्था की है। इस निर्णय पर इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासी मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और आभार व्यक्त किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पगड़ी और बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को होली और रंगपंचमी की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी उपस्थित थे। कनेक्टिविटी से विकास का गति मिलेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लगभग 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इंदौर-उज्जैन सड़क से दोनों शहरों के बीच सफर सवा घंटे के बजाय करीब आधे घंटे में पूरा हो सकेगा। तेज कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, किसानों की मंडियों तक पहुंच और व्यापारियों व उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग देश के व्यापार और व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा, जिससे प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों के बीच आवागमन सुगम और कम समय में संभव होगा। इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव लाभान्वित होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक और ऐतिहासिक रूप से इंदौर और उज्जैन के बीच इसी मार्ग का उपयोग होता रहा है। इस परियोजना से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव लाभान्वित होंगे। सिंहस्थ के दौरान भी यह मार्ग सुविधाजनक रहेगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास के नए दौर की शुरुआत हो रही है। राज्य सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों के आधार पर मार्ग निर्माण और उचित मुआवजे की व्यवस्था सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 816 करोड़ का मुआवजा वितरित होगा जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री अन्नदाता किसानों की पीड़ा और समस्याओं को समझते हैं। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग को इस स्वरूप में स्वीकृति मिलना उनकी संवेदनशीलता का परिणाम है। इस परियोजना में किसानों को 816 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी।
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