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Sidhi News: अभयराज सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि उनकी शुरुआती पढ़ाई छत्तीसगढ़ के जनकपुर स्थित न्यू लाइफ इंग्लिश हाईस्कूल से हुई. यहां उन्होंने एलकेजी से लेकर 8वीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण की. इसके बाद उन्होंने 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई सीधी के गणेश हायर सेकेंडरी स्कूल अमहा से पूरी की.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले के होनहार बेटे अभयराज सिंह ने कड़ी मेहनत के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है. अभयराज ने MPPSC द्वारा आयोजित लाइब्रेरियन परीक्षा-2022 में 154वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. उनका चयन कॉलेज ग्रंथपाल (लाइब्रेरियन) के पद पर हुआ है. जैसे ही यह खबर सामने आई, सीधी जिले के कुसमी अंचल में खुशी का माहौल है. कुसमी क्षेत्र के ग्राम भगवार निवासी अभयराज सिंह स्वर्गीय सिरपत सिंह के पुत्र हैं. उनके पिता स्वर्गीय सिरपत सिंह सिंगरौली में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत थे जबकि उनकी माता राधा सिंह वर्तमान में सीधी जिले के शासकीय हाई स्कूल मेडरा में शिक्षिका के रूप में कार्य कर रही हैं. परिवार का शैक्षिक माहौल और माता-पिता के संस्कारों ने अभयराज को बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और मेहनती बनाया.
अभयराज सिंह ने लोकल 18 से कहा कि उनकी शुरुआती पढ़ाई छत्तीसगढ़ के जनकपुर स्थित न्यू लाइफ इंग्लिश हाईस्कूल से हुई. यहां उन्होंने एलकेजी से लेकर 8वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई सीधी जिले के गणेश हायर सेकेंडरी स्कूल अमहा से पूरी की. स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए इंदौर का रुख किया और वहां के अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय इंदौर से बीकॉम की डिग्री हासिल की. उन्होंने इंदौर में पढ़ाई के दौरान ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी. सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया. लगातार मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के चलते उन्होंने आखिरकार एमपीपीएससी की लाइब्रेरियन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली है.
सफलता की सबसे बड़ी ताकत
अभयराज सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और खासतौर पर अपने बड़े भाई निर्भय सिंह को देते हैं. निर्भय सिंह वर्तमान में पीएचडी के शोधार्थी हैं और उन्होंने अभयराज को पढ़ाई के दौरान हर कदम पर मार्गदर्शन दिया. अभयराज का कहना है कि परिवार का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत रहा है. अभयराज की इस उपलब्धि से कुसमी क्षेत्र में खुशी का माहौल है. जैसे ही उनके चयन की खबर गांव और जिले में पहुंची, लोगों ने उन्हें बधाइयां देना शुरू कर दिया. जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने अभयराज की सफलता को पूरे सीधी जिले के लिए गर्व की बात बताया है.
क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभयराज सिंह की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी. सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है. अभयराज की यह सफलता उसी का एक प्रेरक उदाहरण है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.