भोपाल में लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने वाले निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने शहर के छह निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। इन अस्पतालों ने तय समय-सीमा में अपने लाइसेंस और पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि 31 मार्च 2026 के बाद भी ये अस्पताल बिना वैध पंजीयन के संचालित पाए गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नर्सिंग होम एक्ट के तहत बिना पंजीयन किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्था का संचालन करना नियमों के खिलाफ है। इन 6 अस्पतालों को दिया गया नोटिस सीएमएचओ कार्यालय ने इनमे लालघाटी चौराहा स्थित जहरा अस्पताल, मोतिया तालाब रोड स्थित सरदार पटेल अस्पताल, कैपिटल पेट्रोल पंप के पास स्थित राय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को नोटिस जारज किया है। इसके अलावा बीडीए कॉलोनी गोदरमऊ गांधीनगर का हेल्थ केयर हॉस्पिटल, दानिश कुंज कोलार रोड स्थित भगवती गौतम अस्पताल और सोनागिरी पिपलानी पेट्रोल पंप के पास स्थित सचिन ममता अस्पताल को भी नोटिस भेजा गया है। बिना पंजीयन अस्पताल चलाना नियमों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 और नियम 1997 (संशोधित 2021) के तहत बिना पंजीयन कोई भी निजी स्वास्थ्य संस्था संचालित नहीं की जा सकती। निजी अस्पतालों को संचालन के लिए सीएमएचओ कार्यालय से लाइसेंस और पंजीयन लेना अनिवार्य होता है। यह लाइसेंस आमतौर पर 1 अप्रैल से अगले तीन वर्षों के लिए जारी किया जाता है। ढाई महीने का समय देने के बाद भी नहीं किया आवेदन इस साल निजी अस्पतालों और क्लिनिकों को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए एनएचएस पोर्टल पर आवेदन करने के लिए करीब ढाई महीने का समय दिया गया था। इसके बावजूद इन छह अस्पतालों ने तय समय-सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी करना पड़ा। 31 मार्च के बाद कार्रवाई की चेतावनी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के अनुसार रिन्यूअल आवेदन जमा नहीं करने वाले अस्पतालों को नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि यदि 31 मार्च के बाद भी ये अस्पताल बिना वैध पंजीयन के संचालित पाए गए तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी निजी स्वास्थ्य संस्थाएं नियमों का पालन करते हुए ही संचालित हों, ताकि मरीजों को सुरक्षित और मानक इलाज मिल सके।
Source link