नेशनल हाईवे 44 पर स्थित छौंदा टोल टैक्स प्रबंधन द्वारा अवैध वसूली के मामले में 2 फरवरी को जारी किए गए एडीएम के नोटिस का डेढ़ महीने बाद भी जवाब नहीं देने पर अब जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई करने जा रहा है। एडीएम अश्वनी कुमार रावत के कार्यालय से टोल प्रबंधन को 2 फरवरी 2026 को एक पत्र जारी कर इस हो रही अवैध वसूली पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें प्रबंधन को सात दिन के भीतर साक्ष्यों सहित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। टोल प्रबंधन द्वारा डेढ़ माह बाद भी कोई जवाब पेश नहीं किया गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन अब टोल प्रबंधन पर कार्रवाई करने जा रहा है। कर्मचारी बैठाकर नंबर नोट करने की मिली थी शिकायत एडीएम कार्यालय से जारी पत्र में लिखा है कि टोल प्रबंधन द्वारा टोल के पास शिकारपुर मोड पर अपना एक कर्मचारी बैठाया जाता है जो निकलने वाले वाहनों के नम्बर नोट करता है। उसके बाद उन नंबरों के आधार पर टोल के द्वारा टोल टैक्स काटा जाता है। इसकी शिकायत आने पर सात दिवस के भीतर साक्ष्यों के साथ जवाब पेश करने को कहा गया था, अन्यथा विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। टोल मैनेजर ने कहा- शिकायत झूठी है टोल मैनेजर अनुराग तोमर के अनुसार अवैध वसूली की शिकायत गलत है और उन्होंने इस पूरे मामले को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा, “नियम से टोल चला रहे है प्रशासन का नोटिस मिला है लेकिन शिकायत झूठी है । अभी जवाब नहीं दिया है देंगे ।” उन्होंने आगे कहा, “सिविल लाइन थाने के लिए जाने वाले कट के कारण अक्सर जाम भी लगता है ।” एडीएम बोले- कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे एडीएम अश्वनी कुमार रावत ने कहा, “छौंदा टोल पर अवैध वसूली की कई शिकायतें मिली थी इसके बाद टोल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है । कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे ।”
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