जर्मनी में खरीदी गई उज्जैन में बनी पेंटिंग, अब विदेशों में भी चमक रहा प्रिंसि का नाम

जर्मनी में खरीदी गई उज्जैन में बनी पेंटिंग, अब विदेशों में भी चमक रहा प्रिंसि का नाम


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Woman Success Story: महाकाल की नगरी उज्जैन की कलाकार प्रिंसि खंडेलवाल अपनी अनोखी पेंटिंग्स से देश-विदेश में पहचान बना रही हैं. उनकी कलाकृतियां कई अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनों में शामिल हो चुकी हैं. प्रिंसि खासतौर पर महिलाओं की भावनाओं और राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं को रंगों में उतारती हैं, जो दर्शकों के दिल को छू जाती हैं.

Ujjain News: प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में कई ऐसे अनगिनत सितारे छिपे हैं जो समय-समय पर देश-दुनिया पर अपनी छाप छोड़ते हैं. ऐसा ही एक कारनामा उज्जैन की एक बिटिया ने कर दिखाया है. बता दें कि उज्जैन की प्रतिभाशाली कलाकार प्रिंसि खंडेलवाल का पेंटिंग का शौक अब एक सफल पेशे में बदलता जा रहा है. उनकी कला को देश ही नहीं, विदेशों में भी खूब सराहा जा रहा है.

जर्मनी, स्पेन, इटली और फ्रांस में लगने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में उनकी पेंटिंग्स प्रदर्शित हो चुकी हैं. हाल ही में मां-बेटी पर आधारित उनकी एक खूबसूरत श्रृंगारित पेंटिंग को जर्मनी में विशेष सराहना मिली और उसे खरीदा भी गया. प्रिंसि वर्तमान में उज्जैन के एक निजी फाइन आर्ट कॉलेज में शिक्षिका हैं. 10 वर्षों से प्रोफेशनली पेंटिंग कर रही हैं, जिससे वे कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं.

जर्मनी में प्रिंगि की प्रशंसा 
उज्जैन की कलाकार प्रिंसि खंडेलवाल की कला से महाकाल की नगरी का नाम एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है. दरअसल प्रिंसि खंडेलवाल अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रही हैं. उनकी 2×2 साइज की पेंटिंग ‘श्रृंगार’ जर्मनी में आयोजित प्रदर्शनी में खरीदी गई. यह पेंटिंग एक्रेलिक ऑन कैनवास पर तैयार की गई है, जिसमें मातृत्व का सुंदर भाव दर्शाया गया है. इसमे मां अपनी बेटी का श्रृंगार करती नजर आती है. यह कलाकृति स्पंदन ऑर्गनाइजेशन के फाउंडर अनंत विकास जैन के माध्यम से जर्मनी पहुंची. 20 से 24 फरवरी 2026 के बीच लगी इस एग्जीबिशन में इसे सराहा गया. हालांकि, प्रिंसि ने पेंटिंग की कीमत सार्वजनिक नहीं की है.

कई देशों में प्रिंसि का नाम 
उज्जैन की प्रतिभाशाली कलाकार प्रिंसि खंडेलवाल की आर्ट अब देश ही नहीं, विदेशों में भी खास पहचान बना रही है. जर्मनी के साथ-साथ स्पेन, इटली, स्विट्जरलैंड और फ्रांस में भी उनकी कृतियों को सराहना मिली है. उनके हुनर को राष्ट्रीय स्तर पर भी मंच मिला, जहां 2024 में नेहरू सेंटर मुंबई और 2025 में एआईएफएसीएस नई दिल्ली में उनकी प्रदर्शनियां आयोजित हो चुकी हैं. उनका सफर जारी है. 15 से 22 सितंबर 2026 तक नेहरू सेंटर मुंबई में सोलो एग्जीबिशन और 6 से 12 अक्टूबर 2026 तक उनकी पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी.

5 साल की उम्र से शुरुआत 
प्रिंसि ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र खंडेलवाल बिल्डर हैं, जबकि मां ममता गृहणी हैं. बचपन से ही उन्हें पेंटिंग का शौक था. महज 5 साल की उम्र से उन्होंने रंगों से दोस्ती कर ली. 18 साल की उम्र में उन्होंने एक निजी फाइन आर्ट्स कॉलेज से प्रोफेशनल पेंटिंग की शुरुआत की. खास बात ये कि जहां वे कभी छात्रा थीं, आज वहीं शिक्षिका बनकर दूसरों को कला सिखा रही हैं. उन्होंने उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से ड्रॉइंग और पेंटिंग में एमए भी किया है. उज्जैन की प्रतिभाशाली कलाकार प्रिंसि ने अनोखी कला से खास पहचान बनाई है. करीब दो साल पहले उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था. उन्होंने चार्जिंग कॉर्ड के स्टील पार्ट पर गणगौर की बारीक और आकर्षक पेंटिंग बनाकर यह उपलब्धि हासिल की थी.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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