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8 batsman Most matches as captain in Tests: टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी करना सिर्फ टीम का नेतृत्व करना नहीं, बल्कि धैर्य और रणनीति की परीक्षा है. दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ 100 से ज्यादा टेस्ट में कप्तानी करने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं. इस लिस्ट में रिकी पोंटिंग और विराट कोहली जैसे दिग्गज शामिल हैं, जिन्होंने जीत के नए मानक स्थापित किए. जबकि स्टीफन फ्लेमिंग और एमएस धोनी ने अपनी चतुर कप्तानी से लोहा मनवाया.
ग्रीम स्मिथ दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी की है.
नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 149 साल से भी पुराने इतिहास में कप्तानी करना दुनिया के सबसे कठिन कामों में से एक माना जाता है. सफेद कपड़ों में पांच दिनों तक रणनीति बनाना, गेंदबाजों को रोटेट करना और विपरीत परिस्थितियों में टीम का मनोबल बनाए रखना हर किसी के बस की बात नहीं होती. दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ टेस्ट क्रिकेट के इतिहास के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों (109) में कप्तानी की.साल 2003 में महज 22 साल की उम्र में कप्तानी संभालने वाले स्मिथ ने न केवल सबसे ज्यादा मैच खेले, बल्कि 53 जीत के साथ अपनी टीम को दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम भी बनाया. उनका जीत का प्रतिशत 48.62 रहा, जो उनकी कप्तानी की मजबूती को दर्शाता है.
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को पुनर्जीवित करने का श्रेय एलन बॉर्डर (Allan Border) को जाता है. 1984 से 1994 के बीच उन्होंने 93 टेस्ट में कप्तानी की. बॉर्डर (1984-1994) की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 32 मैच जीते. उन्होंने एक ऐसी टीम की नींव रखी, जिसने आगे चलकर दो दशकों तक वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया. न्यूजीलैंड के सबसे सफल कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग (1997-2006) अपनी चतुर रणनीतियों के लिए जाने जाते थे. उन्होंने 80 टेस्ट में अपनी नेशनल का नेतृत्व किया. हालांकि उनकी जीत की संख्या (28) अन्य दिग्गजों से कम लग सकती है, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने न्यूजीलैंड को एक बेहद जुझारू टीम के रूप में खड़ा किया.
ग्रीम स्मिथ दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी की है.
रिकी पोंटिंग की कप्तानी वाली टीम को हराना मुश्किल होता था
कप्तानी और जीत के आंकड़े देखें तो रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) का कोई सानी नहीं है. उन्होंने (2004-2010) 77 टेस्ट में कप्तानी की और रिकॉर्ड 48 मैच जीते. उनका जीत का प्रतिशत 62.33 रहा, जो इस सूची में सबसे अधिक है. पोंटिंग के दौर में ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराना लगभग नामुमकिन माना जाता था. वेस्टइंडीज क्रिकेट के सुनहरे दौर के नायक क्लाइव लॉयड ने 74 टेस्ट मैचों में कप्तानी की. उन्होंने कैरिबियाई टीम को एक ऐसी ‘पेस बैटरी’ दी जिससे पूरी दुनिया कांपती थी. लॉयड के नेतृत्व में वेस्टइंडीज ने 36 मैच जीते और 1970 व 80 के दशक में अपना दबदबा बनाए रखा.
कोहली की कप्तानी में भारत का जीत का प्रतिशत 58.82 रहा
भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान विराट कोहली इस सूची में छठे स्थान पर हैं. उन्होंने (2014-2022) 68 मैचों में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और 40 जीत दर्ज की. कोहली की कप्तानी में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती और टीम लगातार 5 साल तक आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन रही. उनका जीत का प्रतिशत 58.82 भारतीय कप्तानों में सर्वश्रेष्ठ है.
‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी इस लिस्ट में आठवें नंबर पर हैं
इंग्लैंड के जो रूट ने 64 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली. उनके (2017-2022) नेतृत्व में इंग्लैंड ने 27 मैच जीते. हालांकि कप्तानी के आखिरी दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन बतौर कप्तान उनके बल्ले से निकले रनों ने इंग्लैंड को कई यादगार जीत दिलाईं. ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी इस सूची में आठवें स्थान पर हैं. धोनी (2008-2014) ने 60 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया और 27 जीत दर्ज की. उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2009 में भारत को पहली बार टेस्ट रैंकिंग के शिखर (नंबर-1) पर पहुंचाना था. धोनी की शांत और स्थिर कप्तानी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को एक नई दिशा दी.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें