छपरी गांव के लोगों को सपने में दिख रहा ‘सांड’, खौफ के साये में जिंदगी

छपरी गांव के लोगों को सपने में दिख रहा ‘सांड’, खौफ के साये में जिंदगी


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Jabalpur News: सांड के खौफ के चलते किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से कई बार गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

जबलपुर. मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के पाटन ब्लॉक अंतर्गत आने वाले छपरी गांव में इन दिनों खेती-किसानी की बातें नहीं बल्कि एक ‘खूनी सांड’ की चर्चा है. आलम यह है कि गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है और लोग अपने ही घरों में कैदी की तरह रहने को मजबूर हैं. इस आवारा सांड का आतंक इतना बढ़ गया है कि अब तक करीब 15 लोग इसके हमले में लहूलुहान हो चुके हैं जबकि एक बुजुर्ग को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है. दरअसल बीते दिन सांड ने एक दिव्यांग को अपना निशाना बनाया, जो अब बिस्तर पर अपने दिन काट रहा है. बेबस दिव्यांग खुद को बचाने में असमर्थ था, जिसे सांड ने बुरी तरह कुचल दिया. पीड़ित फिलहाल डरा और सहमा हुआ है. वह गंभीर रूप से जख्मी है.

ग्रामीणों का कहना है कि यह सांड अचानक हमला करता है, जिससे संभलने का मौका तक नहीं मिलता. ग्रामीण रामजी पटेल और हीरालाल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि गांव में तकरीबन 300 लोग रहते हैं. सांड का यह तांडव नया नहीं है. कुछ महीने पहले इसी सांड ने 50 वर्षीय एक बुजुर्ग के सीने पर जोरदार हमला किया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

सपने में दिख रहा सांड
इन सभी घटना के बाद से गांव में अब मातम और डर का माहौल बना हुआ है. लोग अब शाम ढलते ही दरवाजों में कुंडी लगा लेते हैं. बच्चे और बुजुर्गों का घर से निकलना पूरी तरह बंद हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि सपने में भी अब सांड नजर आ रहा है. खाने-पीने के दौरान भी सिर्फ सांड ही सांड दिखाई देता है. हर पल इसी बात का डर लगा रहता हैं, कहीं पीछे से सांड तो नहीं आ रहा. गांव के बच्चे स्कूल जाने से भी कतराने लगे हैं.

ठप हुआ ग्रामीणों का कामकाज
सांड के आतंक के चलते किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, जिससे खेती-किसानी और मजदूर प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग से कई बार गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों का सिर्फ यही कहना है कि हम बस इतना चाहते हैं कि प्रशासन इस सांड को पकड़कर किसी अन्य स्थान पर छोड़ दे ताकि हम चैन की सांस ले सकें.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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