बुरहानपुर के ग्राम धामनगांव में आयोजित मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले के दौरान सोमवार रात कांटा कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इस दंगल में देश के अलग-अलग राज्यों से आए पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर अपने दांव-पेच और ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। दर्शकों से खचाखच भरा मैदान हर मुकाबले के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से पूरा माहौल गूंजता रहा, जिससे कार्यक्रम में लगातार उत्साह बना रहा। महिला पहलवानों ने जीता दिल इस दंगल की सबसे खास बात महिला पहलवानों की भागीदारी रही। महिला पहलवानों ने अखाड़े में उतरकर आत्मविश्वास, साहस और बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। बालिका वर्ग में खंडवा की अर्शिया पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। उनकी तकनीक, संतुलन और आक्रामकता ने उन्हें अन्य प्रतिभागियों से अलग पहचान दिलाई। अर्चना चिटनिस रहीं मुख्य अतिथि कार्यक्रम में विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस विशेष रूप से मौजूद रहीं। उन्होंने दंगल का अवलोकन किया और पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। अर्चना चिटनिस ने कहा कि कुश्ती भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से इस पारंपरिक खेल को नई ऊर्जा मिलती है और युवा पीढ़ी को खेलों की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। महिला खिलाड़ियों की सराहना उन्होंने विशेष रूप से महिला पहलवानों की तारीफ करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देता है। यह बेटियों को आगे बढ़ने और खेलों में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रेरित करता है। पुरुष वर्ग में भी कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। इंदौर के यशपाल पहलवान और बुरहानपुर के रेहान पहलवान के बीच हुआ मुकाबला बेहद कांटे का रहा, जो अंत में बराबरी पर समाप्त हुआ। 120 से अधिक पहलवानों ने लिया भाग इस दंगल में बुरहानपुर, इंदौर, सीहोर, खंडवा, उज्जैन, भुसावल और जलगांव सहित मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों से 120 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया। यह आयोजन स्थानीय ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। ग्रामीणों में दिखा जबरदस्त उत्साह दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण दंगल देखने पहुंचे। मैदान में भारी भीड़ उमड़ी और हर कोई अपने पसंदीदा पहलवान का समर्थन करते हुए नजर आया। अंत में विजेता और उपविजेता पहलवानों को पुरस्कृत किया गया।
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