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- The Queue Continued For The Second Day, And By Evening, Fuel Was Available From The Pump Within 3 To 5 Minutes.
उज्जैन57 मिनट पहले
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पेट्रोल-डीजल को लेकर मंगलवार- बुधवार को जो अफरा-तफरी मची, उसके पीछे एक कारण सोशल मीडिया पर फैली अफवाह थी तो दूसरा कारण कैन और टंकियों में डीजल लेने वाले लोग भी रहे।
इन दिनों गेहूं कटाई के साथ खेतों को समतल करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में कृषि कार्य के लिए डीजल की खपत बढ़ गई है। लोग टंकियों व कैन लेकर डीजल लेने पहुंच रहे थे। इस कारण कुछ पंप खाली हो गए। इसके अलावा मंगलवार देर शाम ईंधन शार्टेज होने की बातें सोशल मीडिया पर चली तो पंपों पर भीड़ लग गई। बुधवार की सुबह भी पंपों पर वाहनों की कतारें थी। हालांकि देर शाम तक 3 से 5 मिनट में ईंधन मिलने लगा।
जिले में विभिन्न ऑइल कंपनियों से जुड़े करीब 266 पंप हैं। इनमें से करीब 30 शहर में हैं। सभी पंप से रोजाना औसतन 3 से 5 लाख लीटर तक पेट्रोल और 5 से 6 लाख लीटर तक डीजल की बिक्री होती है। मंगलवार शाम को अफवाह के बाद ये बिक्री लगभग दोगुना हो गई। खाद्य व प्रशासन के अधिकारी पूरे समय जिले के पंप संचालकों के अलावा ऑइल कंपनियों व डिपो के अधिकारियों से लगातार संपर्क में बने हुए हैं। जिले के पंपों से इंदौर, मांगलिया, पीथमपुर, रतलाम व भोपाल आदि से ईंधन आता है। सेफी पेट्रोल पंप
पंपों पर डीजल खत्म हुआ और अफवाह ने जोर पकड़ लिया कि ईंधन नहीं मिल रहा है। खाद्य विभाग के सहायक आपूर्ति अधिकारी संतोषकुमार सिमोलिया ने बताया कि अब जिन्हें भी बुधवार से डीजल खरीदना हैं, उन्हें वाहन लेकर पंप पर आना होगा। पेट्रोल तो पहले से बोतल में देने में पाबंदी है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के पदाधिकारी रवि लोहिया ने बताया कि पंप पर स्थिति सामान्य हो गई है। अब 3 से 5 मिनट में ही ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल मिल रहा है।
ईंधन की कमी नहीं, पैनिक न हो ^ स्थिति सामान्य हो गई है। जो अफवाह फैली थी, उससे ग्राहकों ने सामान्य से दोगुना ईंधन खरीदा है। डिपो में डेढ़ माह का स्टॉक है और जिले के पंपों पर भी 26 लाख लीटर आपूर्ति बनी हुई है। ईंधन की कमी नहीं, इसलिए पैनिक न हो। – शालू वर्मा, जिला आपूर्ति नियंत्रक