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fans angrily on varun aaron: आईपीएल के पहले ही मैच में आरसीबी ने एसआरएख् के गेंदबाजों का कचूमर निकाल दिया. 202 रन का लक्ष्य सिर्फ 15 ओवरों में लुटाने वाली हैदराबाद की टीम अब फैंस के निशाने पर है. क्या बॉलिंग कोच वरुण आरोन की गलत रणनीति और खराब ऑक्शन सिलेक्शन ने टीम का बेड़ा गर्क कर दिया है? जानिए क्यों फैंस मांग रहे हैं इरफान पठान की एंट्री!’
हैदराबाद के कोच वरुण एरोन की हो रही आलोचना.
नई दिल्ली. आईपीएल के 19वें सीजन का आगाज हो चुका है. लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के फैंस के लिए यह शुरुआत किसी डरावने सपने से कम नहीं रही. बेंगलुरु में खेले गए पहले ही मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने एसआरएच के गेंदबाजों की जो धुनाई की, उसने टीम मैनेजमेंट और खासतौर पर बॉलिंग कोच वरुण आरोन की पोल खोलकर रख दी है. 202 रनों का लक्ष्य आरसीबी ने 26 गेंद बाकी रहते ही हासिल कर लिया. यह आंकड़ा बताने के लिए काफी है कि हैदराबाद की गेंदबाजी कितनी ‘बेदम’ हो चुकी है.
सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2025 के बाद जेम्स फ्रेंकलिन को हटाकर वरुण आरोन को बॉलिंग कोच बनाया था. पिछले साल अगस्त में जब यह फैसला लिया गया, तभी फैंस भड़क गए थे. सवाल यह है कि जिस गेंदबाज का अपना करियर बहुत सफल नहीं रहा, वह पैट कमिंस, जयदेव उनादकट और हर्षल पटेल जैसे दिग्गजों को क्या सिखाएगा? हैरानी की बात यह है कि वरुण आरोन का अनुभव और उपलब्धियां टीम के सीनियर गेंदबाजों की तुलना में बहुत कम हैं. ऐसे में उन्हें कोच बनाना समझ से परे है. उनकी कमेंट्री और एनालिसिस को लेकर भी फैंस अक्सर मजे लेते हैं, लेकिन अब कोचिंग में उनकी विफलता टीम को भारी पड़ रही है.
हैदराबाद के कोच वरुण एरोन की हो रही आलोचना.
नीलामी में ब्लंडर और स्पिनर का अकाल
मिनी ऑक्शन में भी वरुण आरोन की रणनीति पूरी तरह फेल रही. उन्होंने घरेलू क्रिकेट के सस्ते गेंदबाजों पर दांव लगाया, लेकिन रवि बिश्नोई जैसे किसी मैच-विनर स्पिनर को टीम में शामिल नहीं कर सके.नतीजा यह है कि टीम के पास न तो कोई विकेट टेकर स्पिनर है और न ही डेथ ओवर्स का स्पेशलिस्ट. आरसीबी के खिलाफ मैच में ऑक्शन में खरीदे गए एक भी भारतीय गेंदबाज को मौका नहीं मिला. सुनील अरोड़ा को बतौर फिनिशर डेब्यू कराया गया, लेकिन वह पावर हिटर नहीं निकले. चोटिल एडवर्ड्स की जगह आए डेविड पेन ने विकेट तो लिए. लेकिन जमकर रन लुटाए. वहीं, ‘पर्पल पटेल’ के नाम से मशहूर हर्षल पटेल तो अपनी गेंदबाजी ही भूल गए हैं.
कमिंस की चोट से मुश्किल में हैदराबाद
पैट कमिंस कब तक फिट होंगे, इसका कोई ठिकाना नहीं है. फिलहाल टीम जयदेव उनादकट और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाजों के भरोसे है, जो अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं. इशान मलिंगा ने 2 ओवर में ही 35 रन देकर साबित कर दिया कि गेंदबाजी आक्रमण में कितनी गहराई है. वरुण आरोन यह तय करने में भी नाकाम रहे कि फाइनल प्लेइंग इलेवन में किन गेंदबाजों को होना चाहिए.
इरफान पठान होते तो बात कुछ और होती
फैंस का मानना है कि वरुण आरोन से कहीं बेहतर विकल्प इरफान पठान हो सकते थे. उनका अनुभव और गेम की समझ वरुण से कोसों आगे है. अगर काव्या मारन को टीम की किस्मत बदलनी है, तो अगले सीजन के लिए इरफान पठान जैसे किसी दिग्गज को कोच बनाना होगा.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें