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मध्य प्रदेश में EVM बैटरी विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. कांग्रेस नेता पीसी शर्मा की याचिका पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. 99 फीसदी बैटरी को लेकर छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं. अब इस मामले में सुनवाई अहम मानी जा रही है.
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने बड़ा दावा किया है.
भोपाल. पूर्व मंत्री और भोपाल की दक्षिण पश्चिम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रहे पीसी शर्मा ने कहा है कि जिन ईवीएम में 99 प्रतिशत बैटरी थी, वहां-वहां कांग्रेस की हार हुई है. उनके सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है और सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब काउंटिंग के दौरान कुछ ईवीएम में बैटरी 99 फीसदी पाई गई थी. इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे, जो अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुका है.
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने याचिका दाखिल की. सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. इस फैसले के बाद राजनीतिक और चुनावी हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है. पीसी शर्मा ने इसे लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताया है.
99 फीसदी बैटरी बना विवाद का केंद्र
पूरा विवाद EVM की बैटरी को लेकर सामने आया है. पीसी शर्मा का दावा है कि मतदान के दिन मॉक पोल और पूरे दिन उपयोग के बाद भी काउंटिंग के समय कुछ मशीनों में बैटरी 99 फीसदी पाई गई. इसे लेकर उन्होंने छेड़छाड़ की आशंका जताई है.
चुनाव आयोग से मांगी गई थी रिकॉर्डिंग
कांग्रेस उम्मीदवार ने इस मामले में चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी. उन्होंने काउंटिंग प्रक्रिया की CCTV रिकॉर्डिंग भी मांगी थी. आरोप है कि आयोग ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया, जिससे संदेह और गहरा गया.
हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
इस मामले को पहले हाईकोर्ट में उठाया गया था. हालांकि, अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य न होने का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद पीसी शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की.
कई सीटों पर गड़बड़ी का आरोप
पीसी शर्मा का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है. उनका दावा है कि जिन मशीनों में बैटरी 99 फीसदी पाई गई, वहां कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. जबकि अन्य जगहों पर परिणाम अलग रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गड़बड़ी कई सीटों पर देखने को मिली है.
लोकसभा चुनाव का भी दिया हवाला
कांग्रेस नेता ने कहा कि इसी तरह की स्थिति लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल सीट पर भी सामने आई थी. पार्टी ने इसको लेकर चुनाव आयोग में कई बार शिकायत की है.
सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बाद बढ़ी हलचल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी पक्षों को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले में आगे की सुनवाई अहम मानी जा रही है. इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी बहस तेज हो सकती है.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें