बड़वानी की कृषि उपज मंडी में रविवार को सौंफ की भारी आवक देखने को मिली। छुट्टी के दिन भी मंडी में रौनक रही और करीब 1392 बोरी (लगभग 905 क्विंटल) सौंफ बिकने के लिए पहुंची। हालांकि, इस बार मौसम की मार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और बादलों की वजह से सौंफ की फसल खराब हो गई है। मंडी में आ रही सौंफ का रंग काला और भूरा पड़ गया है, जिससे इसकी क्वालिटी कमजोर हो गई है। यही वजह है कि व्यापारियों ने इसके दाम घटा दिए हैं और किसानों को पिछले साल जैसा अच्छा भाव नहीं मिल पा रहा है। क्या रहे मंडी के भाव? मंडी प्रशासन के मुताबिक, रविवार को सौंफ के दाम उसकी क्वालिटी के आधार पर तय किए गए। सबसे कम भाव- 60 रुपए प्रति किलो (6,000 रुपए क्विंटल) औसत भाव- 80 से 120 रुपए प्रति किलो सबसे ऊंचा भाव- 200 रुपए प्रति किलो (20,000 रुपए क्विंटल) ज्यादातर किसानों की सौंफ की क्वालिटी खराब होने के कारण उन्हें 2000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर का भाव नहीं मिल सका, जिससे दूर-दराज से आए किसान काफी निराश नजर आए। दूर-दूर से पहुंचे किसान और व्यापारी बड़वानी मंडी में सिर्फ स्थानीय किसान ही नहीं, बल्कि धार, खरगोन, खंडवा, झाबुआ और आलीराजपुर जिलों से भी किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे थे। वहीं, खरीदारी के लिए इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों के व्यापारी भी वहां मौजूद रहे। देर शाम तक मंडी में सौंफ की तुलाई और कट्टों की लोडिंग का काम चलता रहा। किसानों का कहना है कि लागत और मेहनत के मुकाबले इस बार मिलने वाले दाम काफी कम हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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