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उज्जैन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स’ के तहत बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है. माधवनगर थाना पुलिस ने 67 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन वाले म्यूल अकाउंट का पता लगाकर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी ने इवेंट मैनेजमेंट और फोटोग्राफी के नाम पर बैंक खाता खोलकर उसे दूसरों को सौंप दिया था, जिसका इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी के जरिए ठगी के लिए किया जा रहा था.
उज्जैन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. (सांकेतिक तस्वीर)
उज्जैन. उज्जैन में माधवनगर थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स’ के तहत साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने करीब 67 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन वाले म्यूल अकाउंट का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर और क्राइम शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई. जांच में सामने आया कि भारतीय स्टेट बैंक की फ्रीगंज शाखा में संचालित एक खाता, जो इवेंट मैनेजमेंट और फोटोग्राफी के नाम पर चल रहा था. दरअसल म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था.
आरोपी ने अपना बैंक खाता, एटीएम और चेकबुक दूसरों को सौंपे
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि साल 2025 के दौरान इस खाते में 67 लाख 64 हजार रुपये से अधिक की रकम जमा हुई. इसमें से करीब 55 लाख 82 हजार रुपये निकाल लिए गए. बैंक रिकॉर्ड में कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए, जिसके बाद खाते को फ्रीज कर दिया गया. आरोपी छायेश सेन ने अपना बैंक खाता, एटीएम और चेकबुक अन्य लोगों को सौंप दिए थे. इन लोगों ने ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी लॉटरी के नाम पर ठगी कर इस खाते के जरिए अवैध लेन-देन को अंजाम दिया. इस तरीके से असली अपराधियों ने अपनी पहचान छुपाते हुए लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया.
पुलिस कर रही पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए माधवनगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. लगातार तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने 5 अप्रैल 2026 को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस अब इस पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है.
उधर, पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है.
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Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें