पोरसा जनपद CEO देवेंद्र जैन निलंबित: पत्नी के नाम फर्म बनाकर ठेकेदारी कर रहे थे; भास्कर में खबर के बाद कार्रवाई – Morena News

पोरसा जनपद CEO देवेंद्र जैन निलंबित:  पत्नी के नाम फर्म बनाकर ठेकेदारी कर रहे थे; भास्कर में खबर के बाद कार्रवाई – Morena News




मुरैना जिले के पोरसा में पदस्थ जनपद पंचायत CEO देवेंद्र जैन को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई चंबल कमिश्नर के निर्देश पर की गई, जिसमें उन्हें जिला पंचायत मुख्यालय मुरैना से अटैच किया गया है। जांच पूरी होने तक वे यहीं सेवाएं देंगे और निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन भत्ता प्राप्त करेंगे। कार्रवाई बुधवार (8 अप्रैल) को दैनिक भास्कर डिजिटल में प्रकाशित खबर के बाद हुई, जिसमें बताया गया था कि देवेंद्र जैन अपनी पत्नी कीर्ति गोयल जैन के नाम फर्म बनाकर उसी विकासखंड में ठेकेदारी कर रहे थे, जहां वे पदस्थ थे। जिससे पद का दुरुपयोग होने की आशंका जताई गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जांच शुरू की। खबर सामने आने के बाद जिला पंचायत CEO कलेश भार्गव ने रिपोर्ट तैयार कर चंबल संभाग के प्रभारी अपर आयुक्त एवं कलेक्टर मुरैना लोकेश कुमार जांगिड़ को भेजी। रिपोर्ट के आधार पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि देवेंद्र जैन को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में संबंधित अधिकारी की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले में अब विस्तृत जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। मूल खबर पढ़िए… CEO ने पत्नी की फर्म को बांटे ठेके:काम अधूरा और भुगतान 100% पूरा; पति बोला- इसमें गलत क्या है मुरैना जिले के पोरसा जनपद में पदस्थ सीईओ देवेंद्र जैन पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी कीर्ति गोयल जैन के नाम श्री महालक्ष्मी इंडस्ट्रीज फर्म बनाकर पंचायतों के निर्माण कार्य उसी को दिलाए। काम के अलॉटमेंट से लेकर क्वालिटी जांच और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में कई पंचायतों में बिना काम किए ही राशि निकाले जाने के आरोप सामने आए हैं, जबकि विरोध करने वाले पंचायत सचिवों को दबाव में लेने की बात भी कही जा रही है। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, उलटा सीईओ को अंबाह जनपद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया, जहां वे करीब 8 महीने तक पदस्थ रहे। पूरी खबर पढ़िए…



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