दतिया के बस स्टैंड से 3 फरवरी 2020 को 28 वर्षीय युवती का बोलेरो से जबरन अपहरण कर शादी का झांसा देते हुए अलग-अलग शहरों (झांसी, इलाहाबाद, ग्वालियर) में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। 6 साल बाद पीड़िता 11 अप्रैल को अपने घर लौटी और परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने सोमवार रात पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पड़ोसी जितेन्द्र अहिरवार के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, बंधक बनाकर रखने, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पढ़ाई के लिए बस स्टैंड पहुंची थी, बोलेरो में जबरन बैठाया जानकारी के अनुसार, परासरी गांव निवासी 28 वर्षीय युवती ने बताया कि पड़ोस में रहने वाला युवक जितेन्द्र अहिरवार वर्ष 2017 से उससे बातचीत करता था। 3 फरवरी 2020 को जब वह पढ़ाई के सिलसिले में दतिया बस स्टैंड पहुंची, तभी आरोपी उसे जबरन एक बोलेरो में बैठाकर झांसी ले गया। वहां एक होटल में रखकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इलाहाबाद और झांसी में कमरे में रखा बंधक पीड़िता ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे इलाहाबाद ले गया, जहां करीब 5 महीने तक एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान वह बाहर नहीं जाने देता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। बाद में उसने झांसी में भी कई महीनों तक किराए के कमरे में बंधक बनाकर रखा और लगातार दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने उसे मोबाइल भी नहीं दिया और बाहर निकलने पर जान से मारने की धमकी देता था। ग्वालियर के हॉस्टल में भाई बनकर कराया दाखिल कुछ समय बाद आरोपी उसे ग्वालियर के एक हॉस्टल में छोड़ गया, जहां उसने खुद को युवती का भाई बताकर दाखिल कराया। यहां भी वह समय-समय पर आकर धमकाता और दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता के मुताबिक, बार-बार कहने के बावजूद आरोपी ने उससे शादी नहीं की। हाल ही में जब युवती को पता चला कि परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है, तो वह 11 अप्रैल को घर लौटी और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार के साथ थाने पहुंचकर सोमवार रात को शिकायत दर्ज कराई गई।
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