खंडवा में एक ऐसा घर है. जहां कदम रखते ही ऐसा लगता है मानो आप किसी छोटे से जंगल में आ गए हो. हर तरफ हरियाली, चहचहाते पक्षी, उड़ती तितलियां और ठंडी हवा यह नजारा किसी गार्डन का नहीं, बल्कि ग्रीन मैन के नाम से पहचाने जाने वाले चंद्रशेखर मिश्रा के घर का है.नगर निगम में उपायुक्त रह चुके चंद्रशेखर मिश्रा ने अपनी नौकरी के साथ-साथ प्रकृति के प्रति अपने प्रेम को हमेशा जिंदा रखा. आज उनके इसी जुनून ने उनके घर को एक मिनी जंगल में बदल दिया है. उनके यहां करीब 400 पेड़-पौधे और 200 से ज्यादा गमले हैं, जिनमें फलदार, फूलदार और औषधीय पौधों की भरमार है.
घर ही नहीं, पूरी कॉलोनी को बनाया हरा-भरा
चंद्रशेखर मिश्रा सिर्फ अपने घर तक सीमित नहीं रहे. उन्होंने अपनी कॉलोनी विजय नगर में भी बड़े स्तर पर पौधारोपण किया. कॉलोनी में लगे 20-25 साल पुराने पेड़ आज भी उनकी मेहनत की कहानी बयां करते हैं. सड़क के दोनों ओर लगे पेड़ इलाके के तापमान को कम करने में भी मदद कर रहे हैं.
घर में उगाया हरा संसार
मिश्रा जी के घर में आम, नींबू, नीम, जामुन, आंवला जैसे फलदार पेड़ों के साथ-साथ चमेली, गुड़हल, तुलसी और कई तरह के फूलों के पौधे लगे हुए हैं. उनके पास तुलसी की अलग-अलग किस्में—राम तुलसी, श्याम तुलसी और जंगली तुलसी भी मौजूद हैं.इतना ही नहीं, यहां 50 से ज्यादा प्रकार के फूलों वाले पौधे हैं, जिनसे रोजाना ताजे फूल निकलते हैं. आसपास के लोग सुबह पूजा के लिए उनके घर से फूल भी ले जाते हैं.
प्रकृति के बीच जीने का आनंद
इस हरियाली का असर यह है कि उनके घर में गर्मी के दिनों में भी ठंडक बनी रहती है. तितलियां, गौरैया, मधुमक्खियां और छोटे-छोटे पक्षी यहां आसानी से देखने को मिल जाते हैं. यानी जो नजारा लोग जंगलों में देखने जाते हैं, वह यहां रोज देखने को मिल जाता है.
पति-पत्नी मिलकर करते हैं देखभाल
इस मिनी जंगल को बनाने में उनकी पत्नी का भी उतना ही योगदान है. वे बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें पौधों का शौक था, जो शादी के बाद और बढ़ गया. दोनों पति-पत्नी मिलकर इस बगीचे की देखभाल करते हैं. हर दिन पौधों को पानी देने में 2 से ढाई घंटे लगते हैं. इसके अलावा खाद देना, छंटाई करना और नए पौधे लगाना—ये सभी काम वे खुद ही करते हैं. उन्होंने कोई माली नहीं रखा, बल्कि अपने हाथों से ही इस हरियाली को संजोया है.
समाज को दे रहे संदेश
चंद्रशेखर मिश्रा और उनकी पत्नी का मानना है कि अगर हर व्यक्ति अपने घर और आसपास पौधे लगाए, तो पर्यावरण को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है.वे लोगों से अपील करते हैं कि प्रकृति से जुड़ें और पेड़-पौधे लगाएं, क्योंकि इससे न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि मानसिक शांति और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा.
प्रेरणा की मिसाल
ग्रीन मैन चंद्रशेखर मिश्रा की यह पहल बताती है कि अगर इच्छा हो, तो कोई भी अपने छोटे से घर को भी हरियाली से भर सकता है। उनका यह मिनी जंगल आज न सिर्फ खंडवा, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा बन चुका है.