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Mohammad Amir Love Story: मोहम्मद आमिर की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है, जहां 18 साल की उम्र में मिली शोहरत फिक्सिंग के दाग और जेल की सलाखों में बदल गई. लेकिन इसी मुश्किल दौर में उन्हें अपनी वकील नरजिस खातून से प्यार हुआ, जिन्होंने न केवल उनका केस लड़ा बल्कि जीवनभर का साथ भी दिया. कलंक से निकाह और फिर 2017 चैंपियंस ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत तक, आमिर का सफर विवादों, वापसी के जुनून और एक बेमिसाल प्रेम कहानी का अद्भुत संगम है.
मोहम्मद आमिर की लव स्टेारी जेल में शुरू हुई थी.
नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसी कहानियां हैं जो मैदान पर अपनी चमक बिखेरती हैं. लेकिन पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म के स्क्रीनप्ले जैसी है. इसमें शोहरत की बुलंदी है, फिक्सिंग की कालिख है, जेल की सलाखें हैं और सबसे दिलचस्प एक ऐसी प्रेम कहानी, जो कानून की किताबों और अदालती कार्यवाहियों के बीच परवान चढ़ी. साल 2009 में जब एक 17 साल का दुबला-पतला लड़का अपनी स्विंग से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर रहा था. तो दुनिया ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरा ‘वसीम अकरम’ मिल गया है. आमिर ने 2009 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन 2010 का लॉर्ड्स टेस्ट उनके जीवन का वो काला अध्याय साबित हुआ, जिसने उनके करियर को पटरी से उतार दिया.
एक स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) ने कप्तान सलमान बट और साथी गेंदबाज मोहम्मद आसिफ के साथ मिलकर बुकी मजहर माजिद के इशारे पर जानबूझकर ‘नो बॉल’ फेंकी थी. महज 18 साल की उम्र में आमिर को स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया. आईसीसी ने उन पर 5 साल का बैन लगाया और ब्रिटेन की एक अदालत ने उन्हें जेल की सजा सुनाई. जेल की चारदीवारी किसी भी खिलाड़ी के लिए करियर का अंत हो सकती थी, लेकिन आमिर के लिए यह एक नई शुरुआत की जगह बन गई. इस मुश्किल वक्त में उनका केस लड़ रही थीं पाकिस्तान मूल की ब्रिटिश वकील नरजिस खातून.
मोहम्मद आमिर की लव स्टेारी जेल में शुरू हुई थी.
केस की पैरवी के दौरान नरजिस और आमिर के बीच मुलाकातों का सिलसिला बढ़ा. एक तरफ आमिर फिक्सिंग के कलंक से जूझ रहे थे, तो दूसरी तरफ नरजिस उनके बेगुनाह हिस्से को समझने की कोशिश कर रही थीं. कहा जाता है कि जब पूरी दुनिया आमिर के खिलाफ खड़ी थी, तब नरजिस ने न केवल उनका कानूनी पक्ष मजबूत किया, बल्कि भावनात्मक तौर पर भी उन्हें सहारा दिया. जेल की सलाखों और अदालती जिरह के बीच शुरू हुई यह ‘लव स्टोरी’ साल 2016 में निकाह के पवित्र बंधन में बदल गई.
वापसी का जुनून और ‘चैंपियंस ट्रॉफी’ का वो स्पेल
2015 में बैन खत्म होने के बाद आमिर ने क्रिकेट के मैदान पर वापसी की. यह आसान नहीं था; दुनिया भर के क्रिकेट फैंस और कुछ साथी खिलाड़ी भी उनके खिलाफ थे. लेकिन आमिर ने अपनी काबिलियत से जवाब दिया. 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत के खिलाफ उनका वो स्पेल जिसमें उन्होंने रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली को आउट किया.आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे घातक स्पेल में गिना जाता है. इस जीत ने आमिर को पाकिस्तानी आवाम की नजरों में फिर से हीरो बना दिया.
रिटायरमेंट, विवाद और ब्रिटिश नागरिकता
आमिर का करियर विवादों से कभी पूरी तरह मुक्त नहीं रहा. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रबंधन और तत्कालीन कोच मिसबाह-उल-हक व वकार युनूस के साथ मतभेदों के चलते उन्होंने 2020 में महज 28 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया. उन्होंने मैनेजमेंट पर ‘मानसिक प्रताड़ना’ का आरोप लगाया. संन्यास के बाद आमिर ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ ब्रिटेन में बसने का फैसला किया. उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता के लिए आवेदन किया और अब वे यूके कार्ड होल्डर हैं. आज आमिर अपनी पत्नी नरजिस और तीन बेटियों मिंसा, जोया और आयरा के साथ इंग्लैंड में एक खुशहाल जीवन बिता रहे हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें