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Ujjain News: उज्जैन में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ लोगों पर ही नहीं, बल्कि पुलिस लाइन के घोड़े और डॉग स्क्वॉड पर भी साफ नजर आ रहा है. इन्हें राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. कूलर, पंखे और स्प्रिंकलर लगाए गए हैं, साथ ही पौष्टिक डाइट दी जा रही है. 12 सदस्यीय टीम इनकी देखभाल में जुटी है.
Ujjain News: उज्जैन में इन दिनों गर्मी चरम पर है. वैशाख माह की तपती धूप ने जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं बेजुबान जानवर भी बेहाल नजर आ रहे हैं. कुछ दिनों पहले हुई हल्की बारिश ने जरूर थोड़ी राहत दी थी, लेकिन अब एक बार फिर तेज धूप ने लोगों और पशुओं दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इसी को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पुलिस लाइन में तैनात 14 घोड़ों और 4 डॉग की देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. इनके लिए कूलर, पंखे और स्प्रिंकलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके.
साथ ही इनके खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे उनकी सेहत बनी रहे. ये घोड़े और डॉग सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि पुलिस विभाग का अहम हिस्सा हैं. इन्हें परिवार के सदस्य की तरह संभाला जाता है. इनकी देखरेख के लिए 12 सदस्यों की एक टीम तैनात की गई है, जो सुबह से लेकर देर शाम तक पूरी जिम्मेदारी के साथ उनकी सेवा में जुटी रहती है. गर्मी के इस दौर में इनके घूमने का समय भी बदल दिया गया है, ताकि इन्हें तेज धूप से बचाया जा सके.
कूलर, पंखा और स्प्रिंकल की व्यवस्था
आरआई रंजीत सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन के घोड़े और डॉग उनके लिए सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसे हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए उनकी देखभाल में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जा रही है. उनके रहने के स्थान पर पंखों और कूलर की समुचित व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें ठंडक मिल सके. साथ ही, तेज गर्मी से राहत देने के लिए स्प्रिंकलर के माध्यम से समय-समय पर पानी की बौछार भी की जाती है. उन्होंने बताया कि इन बेजुबानों की सेहत और आराम का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, जिससे वे इस कठिन मौसम में भी स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें.
12 लोगों की टीम करती सेवा
पुलिस लाइन में मौजूद इन 14 घोड़ों और 4 डॉग की देखरेख के लिए कुल 12 पुलिसकर्मी लगातार तैनात हैं. इनका काम सिर्फ उन्हें चारा या खाना देना ही नहीं है, बल्कि सफाई, मेडिकल ट्रीटमेंट, ठंडक बनाए रखना और दिन में दो बार हेल्थ चेकअप करना भी शामिल है. हर घोड़े और डॉग को ठंडे पानी में डुबोया गया गीला कपड़ा भी लपेटा जाता है ताकि उनके शरीर का तापमान सामान्य बना रहे. जानवरों के व्यवहार पर भी नजर रखी जाती है कि कहीं गर्मी के कारण वे सुस्त तो नहीं हो रहे हैं.
डाइट मे भी परिवर्तन
आरआई रंजीत सिंह ने बताया कि साल भर मे मौसम के हिसाब से इनकी डाइट भी चेंज होती है. अगर बात करे घोड़ो की तो हम गर्मी मे घोड़ों को हरी घास में छाछ मिलाकर देते हैं. साथ में गुड़ के पानी में बेसन मिलाकर भी इनका विशेष ध्यान रखा जाता है. इतना ही नहीं, डॉग की डाइट मे भी हम परिवर्तन करते हैं. डॉग की डाइट मे हम गर्मी के मौसम मे मीट (मांस) का उपयोग कम कर देते हैं, क्योंकि यह बहुत हार्ड रहता है. इन्हे हमें विशेष रूप से दूध का सेवन कराते है. साथ ही इन्हे जहां भी ले जाना होता है, इन्हें AC गाड़ी में ले जाते हैं.
महाकाल की सेवा में तैनाती
आरआई रंजीत सिंह बताते हैं कि ऐसे तो बाबा महाकाल की सवारी में देश-विदेश से लोग आकर सेवा देते हैं. लेकिन, यह घोड़े और कुत्ते विशेष रूप से हर सवारी मे उपस्थित होते हैं. महाकाल की सवारी में विशेष रूप से सुरक्षा व आकर्षण का केंद्र बनते नज़र आते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें