ग्वालियर की सिरोल थाना पुलिस ने एक मंदिर के पुजारी पर हमला करने वाले असली आरोपी को CCTV फुटेज की मदद से पकड़ लिया है। जबकि घायल पुजारी व उनके सहयोगियों ने अपने दुश्मनों को फंसाने के लिए झूठे नाम लिए थे। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी चोरी के इरादे से मंदिर में दाखिल हुआ था। दरअसल 15-16 अप्रैल की दरमियानी रात मंदिर में सो रहे महंत जोगेन्द्र सिंह गुर्जर पर अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में महंत की गर्दन और सीने पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घायल महंत ने शुरुआती बयान में चार से पांच लोगों पर हमले की आशंका जताई थी। उन्होंने दावा किया कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि वे सभी निर्दोष निकले। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच की है और झूठी एफआईआर किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में भी सच्चाई सामने लाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। CCTV फुटेज से खुला सच सीएसपी हिना खान ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई थी। मंदिर के CCTV कैमरे बंद मिले थे इसलिए एक टीम को आसपास के CCTV फुटेज चेक करने के लिए लगाया गया। CCTV फुटेज एवं मुखबिर के आधार पर संदेही विपिन गुर्जर उर्फ रामप्रिया दास बाबा निवासी करऊंआ छरेटा थाना गोहद हाल मुकाम शीतला माता मंदिर पारसेन का पता चला। इसके बाद उसका ठिकाना पता कर पकड़ लिया गया। चोरी के इरादे से आया था आरोपी थाना प्रभारी सिरोल निरीक्षक गोविंद बल्लभ बगौली के नेतृत्व गठित पुलिस टीमों को आरोपी ने बताया कि वह लूट के इरादे से गया था। उसे जानकारी थी कि महंत के पास गाय बेचने के बाद नकदी रखी हुई है। इसी लालच में वह रात में मंदिर पहुंचा, लेकिन महंत के जाग जाने पर उसने चाकू से हमला कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि महंत द्वारा जिन पांच लोगों के नाम लिए गए थे, उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस के मुताबिक, महंत से किसी के कहने पर ये नाम दिलवाए गए थे। सभी आरोपी निर्दोष पाए गए।
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