Last Updated:
Bhopal News: मध्य प्रदेश में बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ 10 दिनों तक अभियान चलाएगी. जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन होगा. बीजेपी जनता को कांग्रेस की महिला विरोधी नीति बताएगी. वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज (रविवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ 10 दिनों तक अभियान चलाएगी.
रिपोर्ट- शिवकांत आचार्य, भोपाल. महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरम है. लोकसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल गिर गया. जिसके बाद से बीजेपी कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर हमलावर है. महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर मध्य प्रदेश में भी अब बीजेपी विपक्ष को घेरने की तैयारी कर रही है. राज्य में कांग्रेस के खिलाफ 10 दिनों तक अभियान चलाया जाएगा. जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे. बीजेपी कांग्रेस की महिला विरोधी नीति जनता को बताएगी. लोकसभा और विधानसभा स्तर पर कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इस संबंध में आज (रविवार) प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
महिलाओं को आरक्षण के मुद्दे पर देश में सियासी आग लगी हुई है. देश की लोकसभा के साथ ही विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में जरूरी बहुमत नहीं मिला. महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के प्रावधान के साथ ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया था. सदन में बहुमत नहीं मिल पाने के बाद बीजेपी ने अब सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने का मन बनाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है.
महिला अपना अपमान नहीं भूलती: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि एक महिला सब कुछ भूल जाती है लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती. कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा किया गया यह अपमान हर महिला के दिल में हमेशा रहेगा. कांग्रेस हमेशा से ही लोगों को बांटने की राजनीति में विश्वास रखती आई है, इसीलिए उसने उत्तर-दक्षिण विभाजन के बारे में झूठी बातें फैलाईं. नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की जरूरत था. पीएम मोदी ने इसे पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण में संतुलित सशक्तीकरण सुनिश्चित करने का एक ईमानदार प्रयास करार दिया.
केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल
वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. प्रियंका का आरोप है कि महिला आरक्षण का मुद्दा असल में बीजेपी की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था. सरकार इस बिल के जरिए या तो क्रेडिट लेना चाहती थी या फिर विपक्ष को घेरने का मौका. न्यूज 18 ने जब उनसे सवाल किया कि महिला आरक्षण बिल के पीछे सरकार का क्या मकसद था, तो उन्होंने कहा कि बिल लाने का मकसद यही था कि वे किसी तरह महिलाओं के मसीहा बन जाएं. अगर पास हो गया तो अच्छा, नहीं हुआ तो विपक्ष को महिला विरोधी बता देंगे.
‘बीजेपी को हमसे सीखना चाहिए’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हावड़ा के उलुबेरिया में आयोजित एक रैली में कहा कि बीजेपी के पास अपना बहुमत नहीं है और वे देश पर जबरन अपनी नीतियां थोपना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘संसद में बिल का गिरना इस बात का सबूत है कि देश अब उनकी तानाशाही को स्वीकार नहीं कर रहा है. वे अपमानित हुए हैं. बीजेपी को हमसे सीखना चाहिए. मैं 1998 से महिला आरक्षण के लिए लड़ रही हूं.’ ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी 2029 का बहाना बनाकर महिलाओं को मूर्ख बना रही थी जबकि तृणमूल कांग्रेस ने बिना किसी कानून के ही अपनी पार्टी में 36 फीसदी महिला सांसद भेजकर असली सशक्तिकरण दिखाया है.
कांग्रेस को बताया बेशर्म पार्टी
बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे. वहां मीडिया से बात करते हुए बीजेपी महामंत्री ने कांग्रेस को बेशर्म पार्टी करार दिया. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद कांग्रेस के नेता हंस रहे थे. कांग्रेस ने पाप किया है. कांग्रेस का यही इतिहास है. बीजेपी पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी. नारी शक्ति अधिनियम के संबंध में देशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएंगी. पदयात्राएं निकाली जाएंगी. बीजेपी गांव-गांव में जाएगी और कांग्रेस के चरित्र के बारे में जनता को जागरूक करेगी.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.