छतरपुर में देसी स्वाद, पीढ़ियों से बन रहा चना सत्तू,मिट्टी की भट्टी में आज भी जिंदा परंपरा

छतरपुर में देसी स्वाद, पीढ़ियों से बन रहा चना सत्तू,मिट्टी की भट्टी में आज भी जिंदा परंपरा


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Chhatarpur News: राजेंद्र केवट बताते हैं कि हमारे छतरपुर जिले में जब मशीनें नहीं चलती थीं तो मेरे जैसे ही लोग चने का सत्तू तैयार करते थे. हालांकि, आमदनी कम और मेहनत ज्यादा होने से अब सत्तू बनाने में कम रुचि ले रहे हैं. हालांकि, मैं आज भी चने का सत्तू अपने हांथ से तैयार करता हूं. आइए जानते हैं चना से सत्तू बनने की पूरी प्रोसेस 

आज हम आपको बुंदेलखंड के चना सत्तू के बारे में बताने जा रहे हैं. छतरपुर जिले के रहने वाले राजेंद्र केवट जिनके यहां पीढ़ियों से चना सत्तू बनाने का काम होता है. आसपास के 10 गांवों के लोग भी चना देकर यहीं से सत्तू बनवाते हैं. जिसमें घंटों मेहनत लगती है.

राजेंद्र केवट बताते हैं कि हमारे छतरपुर जिले में जब मशीनें नहीं चलती थीं तो मेरे जैसे ही लोग चने का सत्तू तैयार करते थे. हालांकि, आमदनी कम और मेहनत ज्यादा होने से अब सत्तू बनाने में कम रुचि ले रहे हैं. हालांकि, मैं आज भी चने का सत्तू अपने हांथ से तैयार करता हूं. लेकिन अब ये काम मुझ तक ही सीमित है.

मिट्टी भट्टी में तैयार करते चना सत्तू 
राजेंद्र बताते हैं कि चना सत्तू तैयार करने के लिए उनके पास एक पुरानी भट्टी है जिसमें नीचे से आग दी जाती है और ऊपर बालू गर्म की जाती है. आप चाहें तो घर पर मिट्टी के चूल्हे में लोहे की कढ़ाई में बालू डालकर गर्म कर सकते हैं.

चने को करते हैं साफ़ 
इसके अलावा चने को भी पानी में साफ किया जाता है कि ताकि इसका कचड़ा निकल जाए और फिर इसे सुखाया जाता है. इसके बाद कंकड़ निकाल लिए जाते हैं. तब जाकर इन चनों में गर्म बालू डाली जाती है.

गर्म बालू से भूनते चना 
राजेंद्र बताते हैं कि जब बालू गर्म हो जाती है तो इसे बालू को धुले चने में डालते हैं और गर्म बालू चने को भून देती है. इस गर्म बालू में सभी चने भुन जाते हैं. अच्छे से मिक्स करने के बाद छन्नी की मदद से बालू को अलग कर दिया जाता है. फिर इन चनों को पत्थर की चक्की से पीस दिया जाता है. इस तरह छतरपुर में आज भी पुराने तरीके से सत्तू तैयार किया जाता है.

भूने चने को चकरी में पीसते
राजेंद्र बताते हैं कि पहले हम भूने हुए चने को पीसकर यहीं सत्तू तैयार करते थे लेकिन जब से आटा चक्की मशीन आ गया तब से लोग मशीन में पिसवाकर सत्तू बनवाते. उन्हें लगता है कि पीसने में समय और पैसे की बर्बादी है. इसलिए अब हम भी चना भूनते ही हैं.

पैकेट वाले चना सत्तू में नहीं वो स्वाद 
राजेंद्र बताते हैं कि भले ही मार्केट में रेडीमेड चना सत्तू बिक रहा है लेकिन जो मिट्टी की भट्टी से गर्म बालू से जो चना भूना जाता है और जो स्वाद आता है वो बाजारों के पैकेटों में कही नहीं मिलेगा. आज भी मेरे यहां आसपास के 10 गांवों के लोग चने का सत्तू बनवाने आते हैं. अगर आपके पास चना है तो भी ठीक है नहीं है तो हम उसका अलग से रूपया लेते हैं.

घर पर ऐसे करें चना सत्तू तैयार
राजेंद्र बताते हैं कि चने का सत्तू आप घर पर भी तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले आपको मिट्टी का चूल्हा तैयार करना है. इस चूल्हे में लोहे की कढ़ाई रखनी है और इसमें बालू डाल देनी हैं. जब बालू गर्म हो जाए तो इसे धुले चनों में डाल दें. बालू को चने में मिलाने के बाद छन्नी से बालू अलग कर लें. इसके बाद घर की चकरी या आटा चक्की में इसे पीस लें. इस तरह आप घर बैठकर ही चने का सत्तू तैयार कर सकते हैं. इसे आप नमक या शक्कर और गुड़ के साथ पानी में घोलकर पी सकते हैं.



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