20 साल से कान पर नहीं रेंगी जूं, फिर दफ्तर से उठे कंप्यूटर और कुर्सियां; किसान को न्याय

20 साल से कान पर नहीं रेंगी जूं, फिर दफ्तर से उठे कंप्यूटर और कुर्सियां; किसान को न्याय


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किसान को जब जल संसाधन विभाग ने मुआवजा नहीं दिया, तो गुना जिला कोर्ट ने विभाग के दफ्तर की ही कुर्की के आदेश दे दिए. बाद में अधिकारी देखते रहे और दफ्तर से कंप्यूटर उठ गए. 20 साल बाद रेंझाई के किसान को न्याय नहीं मिला. अब सामान की नीलामी के बाद किसान के नुकसान की भरपाई होगी.

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गुना के सरकारी विभाग की हठधर्मी और अदालती आदेशों की अनदेखी करना जल संसाधन विभाग को आज भारी पड़ गया. ग्राम रेंझाई में दो दशक पुराने एक मामले में जब विभाग ने कोर्ट के आदेश के बावजूद किसान परिवार को मुआवजे की राशि नहीं चुकाई, तो न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग के दफ्तर की ही ‘कुर्की’ के आदेश जारी कर दिए. बुधवार को गुना जिला न्यायालय की टीम ने जल संसाधन विभाग के दफ्तर पहुंचकर वहां से टेबल, कुर्सी, कंप्यूटर और पंखे जब्त कर लिए.

दो दशक पुरानी लड़ाई
मामले की जड़ें लगभग 20 साल पुरानी हैं. रेंझाई निवासी पीयूष रघुवंशी ने बताया कि गांव में तालाब निर्माण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने उनके खेत से रातों-रात एक अवैध नहर का निर्माण कर दिया था. कागजों में यह नहर किसी और के खेत से निकलनी थी, लेकिन विभाग ने फरियादी के खेत को बर्बाद कर दिया. इस अन्याय के खिलाफ अर्जुन सिंह रघुवंशी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. करीब 10-12 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया और विभाग पर जुर्माना लगाया.

कुर्की के आदेश को भी बीत गए चार साल
न्यायालय ने विभाग को मुआवजा राशि देने का आदेश दिया था, लेकिन सरकारी तंत्र की सुस्ती के चलते वर्षों तक पीड़ित परिवार को एक पाई भी नहीं मिली. वर्ष 2022 में कोर्ट ने मुआवजे की वसूली के लिए कुर्की के आदेश (ईएक्स ए/17/2022) जारी किए थे. बार-बार वारंट जारी होने और समय मांगने के बावजूद जब विभाग ने राशि जमा नहीं की, तो बुधवार को कोर्ट की टीम को एक्शन लेना पड़ा.

देखते रहे अधिकारी और जब्त हो गया सामान
प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड) आयुषी मित्तल के न्यायालय द्वारा जारी 1,00,475/- रुपये (ब्याज सहित) की वसूली के लिए जिला नाजिर राजेश शर्मा के नेतृत्व में टीम केंट रोड स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय पहुंची. कोर्ट के वारंट की तामीली करते हुए टीम ने दफ्तर से कंप्यूटर सेट, फर्नीचर, कुर्सियां और पंखे जब्त करना शुरू कर दिया. राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग ने बार-बार समय लेने के बाद भी राशि जमा नहीं की थी, इसलिए अब यह सामान जब्त कर न्यायालय में जमा कराया जाएगा, जिसकी बाद में नीलामी कर पीड़ित को राशि दी जाएगी.

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Govind SinghSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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