खुरचन का असली टेस्ट अब घर पर, स्वाद ऐसा कि दिल खुश हो जाए, जानिए बनाने का देसी तरीका

खुरचन का असली टेस्ट अब घर पर, स्वाद ऐसा कि दिल खुश हो जाए, जानिए बनाने का देसी तरीका


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Khurchan sweet recipe: रबड़ी, कलाकंद और रसमलाई जैसी मशहूर मिठाइयों को पीछे छोड़ते हुए खुरचन अपनी खास बनावट और मुंह में घुल जाने वाले स्वाद के कारण अलग पहचान बना चुकी है. खास बात यह है कि यह शाही स्वाद अब सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है बल्कि सही विधि अपनाकर इसे घर पर भी बिल्कुल दुकान जैसे स्वाद में तैयार किया जा सकता है.

Khurchan sweet recipe: एमपी के सतना जिले के रामपुर की खुरचन मिठाई आज सिर्फ एक स्वाद नहीं बल्कि बघेलखंड की पहचान बन चुकी है. मुंह में जाते ही घुल जाने वाली इसकी परतें और देसी खुशबू इसे तमाम मिठाइयों से अलग बनाती हैं. खास बात यह है कि अब यह पारंपरिक मिठाई घर पर भी उसी स्वाद और टेक्सचर के साथ बनाई जा सकती है जैसा आपको रामपुर की मशहूर दुकानों पर मिलता है. लोकल 18 से बातचीत में खुरचन बनाने का वर्षों का अनुभव रखने वाले कारीगर प्रदीप सिंह बताते हैं कि यह सिर्फ रेसिपी नहीं बल्कि धैर्य और तकनीक का खेल है.

अनोखा कड़ाही रोटेशन सिस्टम
खुरचन बनाने की सबसे खास बात इसका कड़ाही रोटेशन सिस्टम है. इस प्रक्रिया में एक साथ तीन कड़ाही अलग अलग तापमान पर चलती हैं. शुरुआत पहली कड़ाही से होती है जिसमें करीब आधा किलो दूध डालकर उसे धीमी आंच पर रखा जाता है. यहां दूध को बिल्कुल नहीं चलाया जाता क्योंकि अगर दूध को हिलाया गया तो मलाई की परत बन ही नहीं पाएगी. धीरे धीरे जब दूध गर्म होने लगता है तो उसे दूसरी कड़ाही में शिफ्ट किया जाता है.

दूसरी कड़ाही मध्यम आंच पर होती है जहां दूध उबलते हुए ऊपर की तरफ फूलने लगता है और मलाई की मोटी परत बननी शुरू हो जाती है. यह स्टेज बेहद अहम होती है क्योंकि यहीं से खुरचन की असली परत तैयार होना शुरू होती है.

तेज आंच पर बनती है ठोस मलाई की परत
तीसरी कड़ाही को तेज आंच पर रखा जाता है. इस चरण में दूध पूरी तरह गाढ़ा होकर सूखने लगता है और कड़ाही की सतह पर मलाई की एक ठोस परत जम जाती है. जैसे ही यह परत तैयार होती है कड़ाही को तुरंत आंच से उतार लिया जाता है. इसके बाद एक चपटे पत्थर या खुरचनी की मदद से इस मलाई को धीरे-धीरे खुरचकर निकाला जाता है. यही खुरचना इस मिठाई को उसका नाम देता है.

परत दर परत जमता है स्वाद
खुरची हुई मलाई की परतों को एक ट्रे में बहुत ही सावधानी से एक के ऊपर एक रखा जाता है हर दो-तीन परतों के बीच पिसी हुई चीनी यानी बूरा और इलायची पाउडर छिड़का जाता है जिससे इसमें मिठास और खुशबू दोनों का बेहतरीन संतुलन बनता है. यही परतें मिलकर खुरचन को उसका खास टेक्सचर और स्वाद देती हैं. एक किलो खुरचन तैयार करने के लिए करीब 15 से 20 कड़ाही दूध की परतों की जरूरत पड़ती है.

शहरों में अलग तरह से होती है ये मिठाई तैयार
वहीं शहरी इलाकों की बात करे तो इस मिठाई को बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में 2-3 लीटर फुल क्रीम दूध उबाल है. जब दूध उबलने लगे तो आंच धीमी कर दें और इसे धीरे-धीरे पकने दें. जैसे ही दूध के ऊपर मलाई की परत जमना शुरू हो तो उसे करछुल की मदद से कड़ाही के किनारों पर यानी ऊपरी हिस्से में चिपकाते जाएं. इस प्रक्रिया को बार बार दोहराएं, इससे दूध गाढ़ा होता जाएगा और कड़ाही के किनारों पर मलाई की परतें जमा होती जाएंगी. ध्यान रहे कि नीचे के दूध को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं. जब कड़ाही में दूध लगभग खत्म होने वाला हो या बहुत कम बच जाए तब आंच बंद कर दें. अब कड़ाही के किनारों पर जमा सूखी मलाई की परतों पर पिसी हुई चीनी और थोड़ी इलायची का पाउडर छिड़कें. अंत में एक चाकू या खुरचनी की मदद से इन परतों को सावधानी से खुरच कर निकालें और एक प्लेट में इकट्ठा कर लें. आपकी ताजा और शुद्ध खुरचन तैयार है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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