मप्र की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की मंत्री संपतिया उइके गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर नर्मदापुरम पहुंचीं। सर्किट हाउस में मंत्री ने अपने विभाग की जिले में संचालित जल जीवन मिशन योजना और अन्य कार्यों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा, विधायक विजयपाल सिंह राजपूत, पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव सहित पीएचई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं रखीं। 18 ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, 8 के टेंडर निरस्त समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले 18 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया है और 8 ठेकेदारों के टेंडर निरस्त किए गए हैं। मंत्री उइके ने निर्देश दिए कि योजना की सख्ती से मॉनिटरिंग की जाए और कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार अच्छा काम करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही करने वालों को आगे काम नहीं दिया जाएगा। कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश मंत्री ने अधिकारियों को कमियां जल्द दूर करने के निर्देश दिए और कहा कि वे मई में फिर आकर कार्यों की समीक्षा करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिए गए निर्देशों का पुनः अवलोकन किया जाएगा और किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई होगी। कम जलस्तर वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था समीक्षा में सामने आया कि कुछ क्षेत्रों में जलस्तर काफी कम है। ऐसे स्थानों पर हेंडपंप या टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को पानी की समस्या न हो। मंत्री ने कहा कि विभाग में स्टाफ की कमी है, जिसके कारण कई अधिकारियों को एक से अधिक स्थानों का प्रभार संभालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि कहीं गड़बड़ी पाई गई तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। 858 में से 467 गांवों में ही योजना हैंडओवर नर्मदापुरम जिले के 858 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य किए जाने हैं। इनमें से करीब 677 गांवों में कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 467 गांवों में ही योजनाएं विभाग को हैंडओवर हो पाई हैं। वहीं, 140 गांवों में अभी भी काम अधूरा है।
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