जबलपुर नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों में से 18 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस दौरान कुछ समय तक गहमागहमी का माहौल भी रहा, लेकिन अंततः सदन ने अधिकांश प्रस्तावों पर सहमति बना ली। सभापति की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में महापौर और एमआईसी द्वारा कुल 19 प्रस्ताव रखे गए थे। 18 प्रस्तावों का सर्वसम्मति से पारित होना पार्षदों के बीच बेहतर समन्वय और विकास को लेकर साझा सोच का संकेत माना जा रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में धारा 3.01C को हटाने पर चर्चा हुई। हालांकि, इसे यथावत रखते हुए संबंधित टेंडर की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी गई। विपक्ष ने इस प्रस्ताव पर जोरदार बहस की, जिसके बाद इसे स्थगित कर दिया गया। विपक्ष का कई मुद्दे पर हंगामा विपक्ष के नेता अमरेश मिश्रा ने इसे विपक्ष की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय में उन्हें सत्ता पक्ष के पार्षदों का भी सहयोग मिला। महिला सशक्तिकरण से संबंधित ‘नारी शक्ति वंदन’ प्रस्ताव पर सदन में तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। हालांकि, बाद में इसे बहुमत से मंजूरी दे दी गई। महापौर जगत बहादुर सिंह “अन्नू” ने कहा कि शहर के विकास में पार्षदों की भूमिका सर्वोपरि है। उन्होंने प्रत्येक पार्षद के सुझाव और निर्णय को शहर की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में शहर की सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 97 करोड़ रुपए के टेंडर को मंजूरी दी गई। यह टेंडर जल्द जारी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आधुनिक संसाधनों के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। इसके अतिरिक्त, शहर के विभिन्न मार्गों, चौकों और स्थलों के नामकरण से जुड़े सभी प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। यह निर्णय शहर की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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