बैतूल शहर की सूरत बदलने की दिशा में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट करने से लेकर सीवर और पानी की व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने तक, कई अहम योजनाएं अब जमीन पर उतरने की तैयारी में हैं। इसको लेकर कलेक
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सबसे बड़ा बदलाव शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में देखने को मिलेगा। बैतूल का मौजूदा बस स्टैंड आने वाले समय में भोपाल की तर्ज पर इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जामठी क्षेत्र में करीब दो हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर ली गई है। फिलहाल फंड का इंतजार है, लेकिन जमीन मिलने के बाद योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे शहर में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
101 करोड़ का है यह सीवर प्रोजेक्ट
शहर में पहली बार बड़े स्तर पर सीवर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से 163 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा ताकि सड़कें खोदने की जरूरत न पड़े और यातायात प्रभावित न हो।
इस योजना के तहत घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सीवर लाइन में जाएगा, जिससे भविष्य में सेप्टिक टैंक की आवश्यकता नहीं होगी।
सीवर प्रोजेक्ट के तहत नागपुर नाके के पास 16 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है, जहां शहर का गंदा पानी ट्रीट किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा गया है और इसके लिए अमृत 2.0 योजना से फंड मिलने की उम्मीद है।
पानी की व्यवस्था के लिए 32 करोड़ की योजना
पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़ा खाका तैयार किया गया है। शहर अभी ताप्ती बैराज और माचना नदी पर निर्भर है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त जल स्रोत विकसित किए जाएंगे। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से ताप्ती बैराज पर 9.5 एमएलडी क्षमता का इंटेकवेल बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, 24 किलोमीटर लंबी मेन पाइपलाइन और 40 किलोमीटर का वितरण नेटवर्क भी शामिल है।
जामठी में प्रस्तावित फायर स्टेशन को शहर से दूर मानते हुए इसे शहर के भीतर लाने की योजना पर भी काम चल रहा है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित मदद मिल सके। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री इनडोर स्टेडियम को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।