मध्य प्रदेश में मिलावटी दूध का खेल, फर्जी कागज और करोड़ों की कमाई, ED का बड़ा खुलासा!

मध्य प्रदेश में मिलावटी दूध का खेल, फर्जी कागज और करोड़ों की कमाई, ED का बड़ा खुलासा!


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मध्य प्रदेश में डेयरी प्रोडक्ट्स में मिलावट का बड़ा केस सामने आया है. ईडी की जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेज बनाए थे और फर्जी रिपोर्ट भी तैयार की जाती थी, ताकि एक्सपोर्ट किया जा सके. वहीं घोटाले से होने वाली कमाई को अलग-अलग खातों के जरिए घुमाया जाता था. अब ईडी ने कंपनी के पूर्व सीईओ सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है.

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मध्य प्रदेश में मिलावटी दूध का खेल (AI तस्वीर)

मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 20 अप्रैल 2026 को जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व CEO सुनील त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया. ED के मुताबिक, यह सिर्फ मिलावट का मामला नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े और करोड़ों के घोटाले का पूरा नेटवर्क है. जांच में सामने आया है कि कंपनी बड़े पैमाने पर डेयरी प्रोडक्ट्स में मिलावट कर रही थी. हैरानी की बात ये है कि इन मिलावटी प्रोडक्ट्स को विदेश भेजने के लिए फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार की जाती थी, ताकि आसानी से एक्सपोर्ट की मंजूरी मिल जाए.

फर्जी दस्तावेज तैयार करने में सुनील त्रिपाठी की थी अहम भूमिका
ED का दावा है कि इस पूरे खेल में सुनील त्रिपाठी की अहम भूमिका थी. वह फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने, एक्सपोर्ट का पूरा सिस्टम संभालने और अवैध कमाई बनाने में शामिल था. इस घोटाले से करीब 20.59 करोड़ रुपए की कमाई की गई, जिसे अलग-अलग बैंक खातों के जरिए घुमाया गया. ED ने बताया कि सुनील जांच से बचने की कोशिश कर रहा था. वह बार-बार भेजे गए समन और नोटिस को नजरअंदाज कर रहा था. इसके बाद 1 अप्रैल को वडोदरा में उसके ठिकानों पर छापा मारा गया, जहां से कई अहम सबूत मिले और करीब 9.36 लाख रुपए फ्रीज कर दिए गए.

ED ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ भोपाल द्वारा IPC, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी. जांच में पता चला कि सुनील त्रिपाठी ने अपराध से पैसे कमाने में अहम रोल प्ले किया था. PMLA के तहत की गई जांच से यह भी पता चला है कि M/s JGFPPL बड़े पैमाने पर डेयरी उत्पादों में मिलावट करने और ऐसे मिलावटी उत्पादों का निर्यात करने में शामिल थी. कंपनी निर्यात की मंजूरी पाने के लिए इंदौर स्थित ‘निर्यात निरीक्षण एजेंसी’ (EIA) को जाली रिपोर्टें जमा करती थी.

28 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेजे गए सुनील त्रिपाठी
इससे पहले इसी केस में कंपनी के MD किशन मोदी को भी 13 मार्च को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फिलहाल जेल में है. फिलहाल सुनील त्रिपाठी को भोपाल की कोर्ट ने 28 अप्रैल तक ED की हिरासत में भेज दिया है, जहां उससे लगातार पूछताछ चल रही है. ED अब इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है. कौन-कौन शामिल है? पैसा कहां गया और इस खेल का मास्टरमाइंड कौन है? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.

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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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