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Ujjain News: उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट में अब संवेदनशील सुविधाओं की नई मिसाल दिख रही है. भीषण गर्मी में हाईटेक शेड, बड़े पंखे, ठंडा पानी और बैठने की बेहतर व्यवस्था शोकाकुल परिवारों को राहत दे रही है. श्रद्धांजलि हॉल में गूंजते धार्मिक स्वर माहौल को शांत बनाते हैं, जबकि स्वच्छता और लकड़ी-सीएनजी विकल्प व्यवस्था को और सहज बनाते हैं.
मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट अब संवेदनशील व्यवस्था की नई पहचान बन चुका है. पुरे शहर मे आधुनिक हाईटैक चक्रतीर्थ श्मशान की तारीफ हो रही है. जब लोकल 18 की टीम उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान पहुंची तो देखा तपती दोपहरी मे जब एक परिवार अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देने यहां पहुंचे, तो उन्हें उम्मीद से अलग सुकून मिला.
तेज धूप के बीच हाईटेक शेड ने छाया दी, बड़े पंखों की हवा ने राहत पहुंचाई और ठंडे पानी ने थकान कम की. व्यवस्थित बैठने की सुविधा ने उन्हें संभलने का समय दिया. दुख से भरे उस माहौल में ये छोटी-छोटी सुविधाएं उनके लिए सहारा बन गईं. तब उन्हें एहसास हुआ कि कठिन घड़ी में संवेदनशील व्यवस्थाएं ही सबसे बड़ी ताकत बनती हैं.
हाईटेक शेड और पंखों से मिल रही राहत
श्मशान परिसर में अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त विशाल शेड तैयार किए गए हैं, जो आने वाले लोगों को बड़ी राहत दे रहे हैं. इन शेड्स के नीचे लगाए गए बड़े पंखे तेज गर्मी में ठंडक का एहसास कराते हैं. जब लोग अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने पहुंचते हैं, तो उन्हें तपती धूप का सामना नहीं करना पड़ता. साथ ही यहां स्टील की मजबूत बेंच बैठने के लिए उपलब्ध हैं, जिससे बुजुर्गों और परिजनों को आराम मिलता है. ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई है, जिससे गर्मी के बीच लोगों को राहत मिल सके और वे सहजता से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हो सकें.
श्रद्धांजलि सभा हॉल में धार्मिक माहौल
यहां निर्मित श्रद्धांजलि सभा हॉल में आधुनिक साउंड सिस्टम के जरिए मधुर धार्मिक मंत्र, “ॐ” की पवित्र ध्वनि और “श्रीराम” नाम की सुरीली गूंज लगातार सुनाई देती रहती है. इन दिव्य स्वरों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है और एक शांत, सुकूनभरा माहौल बनता है. ऐसे कठिन समय में यह व्यवस्था शोक में डूबे परिजनों और उपस्थित लोगों को मानसिक शांति, धैर्य और भावनात्मक संबल प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है.
स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
नगर निगम उज्जैन द्वारा श्मशान परिसर में स्वच्छता और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. तीन शिफ्ट में लगातार सफाई होने से पूरा क्षेत्र साफ, व्यवस्थित और शांत बना रहता है, जिससे यहां आने वाले लोगों को किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता. यह पहल केवल सुविधाएं देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन भावनाओं का सम्मान भी है, जिनके साथ लोग अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं। साथ ही यहां लकड़ी और सीएनजी गैस, दोनों माध्यमों से अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोग अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार सहजता से विकल्प चुन सकते हैं.
80 लाख की लागत से निखरेगा चक्रतीर्थ
अब जल्द ही नगर निगम, अंतिम पड़ाव व मोक्ष के स्थान चक्रतीर्थ की कहानी बताने वाला 60 फीट ऊंचा सुदर्शन चक्र का स्टैच्यू स्थापित करेगा. 80 लाख से बनने वाला स्टैच्यू करीब पांच किमी दूर से दिखाई देगा. संभवतः देश में पहली बार किसी श्मशान में इतना विशाल स्टैच्यू स्थापित किया जा रहा है. चक्रतीर्थ के नामकरण और इसके पीछे की गाथा अब जनता के सामने स्टैच्यू के माध्यम से आएगा.