Last Updated:
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक बुजुर्ग का शव दफनाने के 34 दिन बाद दोबारा निकाला जाएगा. क्योंकि परिजनों की तरफ से बताया गया है कि पहले पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया था और जल्द बाजी में शव दफना दिया गया. अब पोस्टमार्टम होने के बाद कई राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है.
कब्र से निकाला गया बुजुर्ग का शव, सांकेतिक AI तस्वीर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम बदौराकला में एक बुजुर्ग की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. करीब 34 दिन पहले हुई 65-70 वर्षीय राजदेव खंगार की मौत के बाद शुक्रवार को प्रशासन के आदेश पर शव को कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
मृतक के भतीजे सुनील खंगार ने शुरुआत से ही इस मौत को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया था कि उनके चाचा को जहर देकर मारा गया है. उन्होंने 25 मार्च को एसपी, कलेक्टर और डीआईजी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी थी. बावजूद इसके जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे भोपाल जाकर डीजीपी से भी गुहार लगा चुके हैं.
पुलिस पर पोस्टमार्टम नहीं करवाने का लगा आरोप
परिजनों का आरोप है कि जब वे प्रकाश बम्होरी थाना पहुंचे, तो थाना प्रभारी ने उनकी बात तक नहीं सुनी और उनका आवेदन फेंक दिया. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर पोस्टमार्टम नहीं कराया और जल्दबाजी में शव को दफना दिया. परिजनों के मुताबिक, 21 मार्च को गांव के भानुप्रताप यादव, उनके पुत्र अभिषेक यादव और छोटू यादव, राजदेव खंगार को अपने साथ ले गए थे. अगले दिन वे शव लेकर लौटे और मौत की सूचना दी. इसके बाद बिना किसी मेडिकल जांच या पोस्टमार्टम के ही शव को दफना दिया गया, जिससे संदेह और गहरा गया.
पुलिस का कहना है कि मृतक की गोद ली गई बेटी ने बयान दिया है कि राजदेव खंगार ने खुद जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में उनकी मौत हो गई. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उस समय पोस्टमार्टम नहीं कराया गया.
संपत्ति विवाद को लेकर जताई गई आशंका
एसडीओपी नवीन दुबे के अनुसार मामला प्रथम दृष्टया जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. मृतक के पास 4-5 एकड़ जमीन थी और उनकी कोई संतान नहीं थी. केवल गोद ली हुई बेटी उनके साथ रहती थी, जिससे संपत्ति को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है.
पोस्टमार्टम पर टिकी सभी की नजरें
फिलहाल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है. अब सभी की नजरें रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. इस पूरे मामले में पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है.
About the Author
गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें