खरगोन जिले के कसरावद में नार्मदीय ब्राह्मण समाज द्वारा सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 51 बटुकों को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ निःशुल्क जनेऊ धारण कराई गई। इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए 5 हजार से अधिक समाजजन उपस्थित रहे। यह संस्कार मां नर्मदा संस्कृत पाठशाला महेश्वर के आचार्य दिलीप सोहनी और भगवताचार्य देवेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीगणेश पूजन से हुई, जिसके बाद मुंडन संस्कार किया गया। बटुकों को पारंपरिक ब्राह्मण वेश में तैयार किया गया। मंगला अष्टक पाठ, काशी पठन की शोभायात्रा और मां गायत्री की तस्वीर भेंट करने के बाद वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत धारण कराया गया। इस आयोजन में बमनाला गुरुगादी के महंत, गुलाबड सरकार, पं. संकल्प चौकड़े, सत्यधाम आश्रम से पं. गोरेलाल शर्मा और आनंद स्वरूप मलतारे सहित कई विद्वान संतों ने सहभागिता की। उपनयन संस्कार के माध्यम से बालकों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई और धार्मिक साहित्य भी भेंट किया गया। यह समारोह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल रहा। भोजन के लिए प्लास्टिक डिस्पोजल की जगह पलाश के पत्तों से बनी पत्तलों का उपयोग किया गया, और पानी तांबे के लोटों में परोसा गया। नार्मदीय ब्राह्मण नगर अध्यक्ष मनोज जोशी ने बताया कि एक बटुक के यज्ञोपवीत संस्कार में सामान्यतः 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है। सामूहिक आयोजन से समाज के लगभग 2 करोड़ रुपये की बचत हुई। समाज ने मिलकर इस आयोजन में सहयोग किया, जिसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना और उनमें ब्रह्मत्व की भावना जागृत करना था।
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