जबलपुर में क्लेरेंस एडकिन्स हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जमीन विवाद के चलते रिश्ते में भाई लगने वाले युवक ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। घटना से एक दिन पहले तेरहवीं कार्यक्रम में बैठकर प्लान बनाया गया, जिसके बाद रेकी कर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार 22 अप्रैल की रात मोहित ठाकुर के घर उसकी दादी की तेरहवीं का कार्यक्रम था। इसी दौरान प्रिंस नेल्सन, अर्पित कुशवाहा और अरुण रैकवार के बीच बातचीत हुई। प्रिंस ने अपने साथियों को बताया कि क्लेरेंस के कारण जमीन का सौदा अटक रहा है और अगर सिविल सूट वापस नहीं लिया गया तो लाखों रुपए का नुकसान होगा। उसने साफ कहा कि “उसे रास्ते से हटाना जरूरी है।” इसके बाद सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रच डाली। एक हफ्ते तक की रेकी, हर मूवमेंट पर नजर वारदात से पहले आरोपियों ने क्लेरेंस की दिनचर्या पर करीब एक सप्ताह तक नजर रखी। प्रिंस रोज उसके घर से लेकर सेंट जोसेफ स्कूल तक पीछा करता था और यह देखता था कि वह कहां-कहां रुकता है और किस समय किस रास्ते से गुजरता है। वारदात से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए… 23 अप्रैल को दिया वारदात को अंजाम 23 अप्रैल की सुबह आरोपी बाइक से निकले और पहले से तय योजना के तहत क्लेरेंस को गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी चौथा पुल पहुंचे, जहां कुछ देर रुकने के बाद भाग निकले। अरुण को आईएसबीटी के पास उतार दिया गया, जबकि प्रिंस, अर्पित और मोहित दूसरी बाइक से कटनी, उमरिया होते हुए बिलासपुर की ओर फरार हो गए। आरोपी की मां ने अस्पताल के बाहर छोड़ा घटना के बाद मोहित की मां मौके पर पहुंची और घायल क्लेरेंस को देवास नाका स्थित अस्पताल के बाहर छोड़कर चली गई। बाद में उसकी मौत हो गई। जमीन विवाद बना हत्या की मुख्य वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि रायपुर की करीब 15 एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। क्लेरेंस ने इस जमीन को लेकर सिविल सूट दायर किया था और स्टे ले रखा था। इस सौदे में बाबा नेल्सन मध्यस्थ था, जो चाहता था कि क्लेरेंस केस वापस ले ले। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और आखिरकार हत्या की साजिश रची गई। पहले भी हो चुका था विवाद करीब 15 दिन पहले क्लेरेंस अपने वकीलों के साथ छिंदवाड़ा गया था, जहां जमीन विवाद को लेकर बाबा उर्फ विकास नेल्सन से उसका विवाद हुआ था। इस दौरान प्रिंस भी मौजूद था और वहीं से उसने हत्या का प्लान बनाना शुरू कर दिया। दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार रांझी पुलिस ने मामले में शनिवार को मोहित ठाकुर और अरुण रैकवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से दो बाइक भी जब्त की हैं, जिनमें एक महंगी बाइक शामिल है। वहीं, मुख्य आरोपी बाबा नेल्सन, प्रिंस नेल्सन और अर्पित कुशवाहा अभी फरार हैं। पुलिस की तीन टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और संभावना है कि वे छत्तीसगढ़ में छिपे हुए हैं। बी-टेक का छात्र है अरुण 20 साल का अरुण रैकवार, पिता रामकिशन रैकवार, नरसिंहपुर जिले के ग्राम जमुनिया, थाना सुआतला का रहने वाला है। वह जबलपुर के एक प्राइवेट कॉलेज से बी-टेक की पढ़ाई कर रहा है। वर्तमान में वह मढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित अनमोल वाटिका में किराए के मकान में रह रहा था। पूछताछ के दौरान अरुण ने बताया कि जब वह सतपुला के पास अर्पित की बाइक पर बैठा, तभी उसे बताया गया कि एक व्यक्ति की हत्या करनी है। 50 से ज्यादा सीसीटीवी चेक हुए सीएसपी सतीश कुमार साहू ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। कई फुटेज में आरोपी एक ही बाइक पर सवार नजर आए। आरोपी इतने शातिर थे कि वारदात के बाद बिना नंबर की बाइक से फरार हुए, ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सके।
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