दंपती ने गोद ली बच्ची को हाइवे पर छोड़ा: अंधविश्वास में बच्ची को मनहूस समझा, पूछताछ में बोले- व्यापार में हो रहा था घाटा – rajgarh (MP) News

दंपती ने गोद ली बच्ची को हाइवे पर छोड़ा:  अंधविश्वास में बच्ची को मनहूस समझा, पूछताछ में बोले- व्यापार में हो रहा था घाटा – rajgarh (MP) News




राजगढ़ जिले के एक संपन्न परिवार से जुड़े दंपती को गोद ली हुई बच्ची को श्योपुर हाईवे पर छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। श्योपुर के मानपुर थाना पुलिस ने राजगढ़ निवासी आकाश मूंदड़ा और उनकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा को अंधविश्वास के चलते बच्ची को नेशनल हाईवे-552 पर छोड़ने के आरोप में रिमांड पर लिया है। हाईवे पर लावारिस मिली मासूम मामला शनिवार रात का है, श्योपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सोंईकलां कस्बे के पास हाईवे पर एक मासूम बच्ची लावारिस हालत में मिली। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बच्ची को उसके गोद लेने वाले माता-पिता ही श्योपुर लाकर हाईवे पर छोड़ गए थे। शनिवार देर रात पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी दंपती ने स्वीकार किया कि उन्होंने बच्ची को गोद लिया था। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में उनके व्यापार में लगातार नुकसान हो रहा था। इसी कारण उनके मन में यह अंधविश्वास बैठ गया कि बच्ची के आने के बाद ही उनका कारोबार बिगड़ा है। इसी अंधविश्वास के चलते उन्होंने बच्ची को ‘मनहूस’ मानकर हाईवे पर छोड़ दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आकाश मूंदड़ा की पहली शादी अहमदाबाद में हुई थी, जिससे उन्हें एक बेटा है। करीब 9 साल पहले तलाक के बाद बेटा अपनी मां के साथ रहने लगा। इसके बाद उन्होंने कुरावर में दूसरी शादी की, लेकिन संतान न होने के कारण दंपती ने बच्ची को गोद लिया था। बड़े व्यापारियों में गिना जाता है परिवार
मूंदड़ा परिवार राजगढ़ जिले के बड़े व्यापारिक घरानों में गिना जाता है। परिवार के पास कई पेट्रोल पंप और अन्य व्यवसाय हैं। पारिवारिक बंटवारे के बाद आकाश मूंदड़ा के हिस्से में कुरावर और खुजनेर में दो पेट्रोल पंप आए थे। उनके कुरावर और भोपाल के कोहेफिजा इलाके में मकान होने की जानकारी भी सामने आई है। गोद लेने की प्रक्रिया की भी जांच होगी पुलिस फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया कानूनी रूप से वैध थी या नहीं। इस घटना ने अंधविश्वास और संवेदनहीनता के मुद्दे पर समाज में गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।



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