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पन्ना के तारा गांव में टाइगर के घुसने से दहशत फैल गई है. बाघ ने दो बछड़ों का शिकार किया है. पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम हाथियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. ग्रामीणों ने बाघ को ट्रेंकुलाइज कर जंगल भेजने की मांग की है. टाइगर के कारण तारा गांव और आसपास के इलाके में लोग घरों में दुबके हुए हैं और अपने पशुओं को भी घरों के अंदर रख रहे हैं.
पन्ना में टाइगर की दहशत बढ़ गई है.
गणेश विश्वकर्मा
पन्ना. जिले के तारा गांव में टाइगर की एंट्री ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है. बस्ती के बीच खेत में छिपे बैठे बाघ ने दो गाय के बछड़ों का शिकार कर लिया, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया है. ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और बच्चों को अकेले भेजने पर रोक लगा दी गई है. जंगल से सटे इलाकों में मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ने से दहशत है. इधर, वन विभाग और टाइगर रिजर्व ने टाइगर के मूवमेंट पर नजर बनाए हुई है. हाथियों के 2 दल टाइगर को जंगल की तरफ खदेड़ने में लगाए गए हैं.
दरअसल, लगातार एक सप्ताह से आसपास के जसवंतपुरा, विक्रमपुर और तारा गांव में बाघ की गतिविधियां देखी जा रही हैं. इससे ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों बढ़ रहा है. सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है. हाथियों के सहारे बाघ को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश जारी है. हालांकि अब तक बाघ पूरी तरह काबू में नहीं आया है, जिससे खतरा बना हुआ है.
बस्ती के बीच खेत में छिपा टाइगर
ग्रामीणों ने बताया कि तारा गांव में बाघ खेत के अंदर छिपकर बैठा है. यह जगह बस्ती के बेहद करीब है. ऐसे में ग्रामीणों का खतरा और बढ़ गया है. वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है. यह टाइगर लगातार अपनी पोजिशन बदल रहा है. इसे देखने और मोबाइल कैमरे में कैद करने के लिए गांव के लोग समूह में इधर उधर जा रहे हैंं. वहीं बाघ ने गांव में घुसते ही दो गाय के बछड़ों को निशाना बनाया. इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई. लोग रात में जागकर पहरा दे रहे हैं.
हाथियों के सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू टीम ने दो हाथियों को मौके पर उतारा है. हाथियों की मदद से बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की जा रही है. यह तरीका सुरक्षित माना जाता है. पिछले एक सप्ताह में कई गांवों में बाघ की मौजूदगी देखी गई है. इससे साफ है कि टाइगर का मूवमेंट लगातार बढ़ रहा है. वन विभाग अलर्ट मोड पर है.
ग्रामीणों की मांग, ट्रेंकुलाइज कर हटाएं
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ को ट्रेंकुलाइज कर जंगल में छोड़ा जाए. उनका आरोप है कि लगातार खतरे के बावजूद ठोस समाधान नहीं हो रहा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें