Aaj Ka Mausam Live: उत्तर भारत इस समय तप रहा है. आसमान आग उगल रहा है और जमीन से लपटें उठती महसूस हो रही हैं. 45 डिग्री के आसपास पहुंचता तापमान लोगों की सहनशक्ति को चुनौती दे रहा है. लू के थपेड़े दिन ही नहीं, रात को भी चैन नहीं लेने दे रहे. लेकिन इसी झुलसाती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट लेने के संकेत दे दिए हैं. मौसम विभाग (IMD) का ताजा अलर्ट बताता है कि अब आसमान सिर्फ धूप नहीं देगा, बल्कि धूल, तूफान और बारिश का जोरदार खेल भी दिखाएगा. 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी कई राज्यों में हालात बिगाड़ सकती है. यही वजह है कि इसे मई से पहले मानसून का ‘ट्रेलर’ कहा जा रहा है. यह बदलाव अचानक है, लेकिन इसके पीछे मौसम की जटिल चाल है. पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन मिलकर ऐसा सिस्टम बना रहे हैं, जो गर्मी की तीव्रता को तोड़ेगा, लेकिन साथ ही खतरे भी लेकर आएगा.
मौसम विभाग के अनुसार आंधी, बिजली, ओले और तेज बारिश का यह कॉम्बिनेशन आम लोगों के लिए जोखिम भरा हो सकता है. खासकर यूपी और बिहार जैसे राज्यों में जहां पहले से ही गर्मी ने हालात खराब कर रखे हैं. किसानों के लिए यह दोधारी तलवार जैसा है. एक तरफ बारिश फसलों को राहत दे सकती है तो दूसरी तरफ तेज हवा और ओले नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. IMD ने साफ कहा है कि अगले 36 घंटे बेहद अहम हैं. इस दौरान मौसम तेजी से बदलेगा. इसलिए सतर्क रहना जरूरी है. यह बदलाव सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि आने वाले कई दिनों तक असर दिखा सकता है.
दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज अलग नजर आ रहा है और यहां प्री-मानसून गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं.
- उत्तर भारत में मौसम का यह बदलाव धीरे-धीरे शुरू होगा. पहले बादल आएंगे, फिर हवाएं तेज होंगी. इसके बाद धूल भरी आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा. कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा रहेगा. यह सिस्टम 26 अप्रैल से 1 मई तक सक्रिय रह सकता है. इसका असर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत तक फैलेगा. तापमान में गिरावट जरूर आएगी, लेकिन पूरी राहत तुरंत नहीं मिलेगी. मौसम के इस बदलते मिजाज को समझना जरूरी है, क्योंकि यही आने वाले मानसून की दिशा भी तय करता है.
- दूसरी तरफ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम पूरी तरह सक्रिय हो गया है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इससे नदियों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है. वहीं दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो रही हैं. यह संकेत है कि मौसम का बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है. हालांकि हर क्षेत्र में इसका असर अलग-अलग तरीके से दिखेगा. कहीं राहत तो कहीं आफत.
IMD अलर्ट.
दिल्ली-NCR में गर्मी के बाद बदलाव की शुरुआत
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल गर्मी अपने चरम पर है. दिन में तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को बेहाल कर रही हैं. तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच बना हुआ है. लू का असर साफ महसूस किया जा रहा है. लेकिन 26 अप्रैल से मौसम में हल्का बदलाव शुरू होगा. शाम के समय बादल छा सकते हैं. हवाओं की रफ्तार 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इससे धूल भरी आंधी की संभावना बनेगी. हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है. हालांकि इससे तुरंत बड़ी राहत नहीं मिलेगी. तापमान में मामूली गिरावट आएगी. लेकिन आने वाले दिनों में यह बदलाव और स्पष्ट हो सकता है. प्रदूषण के स्तर में भी कुछ सुधार की उम्मीद है.
यूपी में आंधी-बारिश का बड़ा अलर्ट
उत्तर प्रदेश में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है. करीब 60 जिलों में हीटवेव का असर है. लेकिन अब 26 अप्रैल से मौसम बदलने वाला है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी. कई जगहों पर यह रफ्तार 70 किलोमीटर तक पहुंच सकती है. धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी. गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. पश्चिमी और पूर्वी यूपी दोनों प्रभावित होंगे. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है. लेकिन सबसे बड़ा खतरा तेज हवाओं और ओलावृष्टि से है.
बिहार में तूफान और ठनका का खतरा
बिहार में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है. 26 से 28 अप्रैल के बीच कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है. हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में 80 किलोमीटर तक की रफ्तार भी संभव है. ठनका गिरने का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा. उत्तर बिहार के जिलों में खास सतर्कता की जरूरत है. बादलों की आवाजाही बढ़ेगी. इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन जोखिम भी बढ़ेगा. किसानों को फसल बचाने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी.
राजस्थान में लू के बीच बदलेगा मिजाज
पंजाब में 26 से 27 अप्रैल के बीच मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं. (फाइल फोटो PTI)
मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में 27 से 29 अप्रैल के बीच मौसम पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है. शिवपुरी, सागर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, नरसिंहपुर और आसपास के इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, इससे लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है. किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. हालांकि इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी. लेकिन मौसम अस्थिर बना रहेगा और अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
पंजाब-हरियाणा में बदलेगा मौसम
- पंजाब में 26 से 27 अप्रैल के बीच मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं. राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. बठिंडा, मनसा, फाजिल्का, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस बदलाव से जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता भी बढ़ सकती है. तेज हवाओं और बारिश से गेहूं की कटाई और भंडारण पर असर पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें.
- हरियाणा में 27 से 28 अप्रैल के बीच मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. पानीपत, सोनीपत, भिवानी, रोहतक, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं. मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट जरूर आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है. लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें.
हिमाचल और उत्तराखंड में मौसम अलर्ट
- हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में 28 से 30 अप्रैल के बीच मौसम करवट लेगा. शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और चंबा जैसे जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों, खासकर लाहौल-स्पीति और किन्नौर में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है. इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड का अहसास बढ़ सकता है. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए ही यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रहता है.
- उत्तराखंड: उत्तराखंड में 26 से 28 अप्रैल के बीच मौसम बिगड़ने की संभावना है. चमोली, पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ज्यादा खराब हो सकता है. चारधाम यात्रा की तैयारी कर रहे यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. तेज हवाएं और अचानक बारिश यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं. प्रशासन भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
दक्षिण भारत में प्री-मानसून की आहट
दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज अलग नजर आ रहा है और यहां प्री-मानसून गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण पश्चिमी घाट के इलाकों में तेज हवाएं और बारिश देखने को मिल सकती है. महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और दक्षिणी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है. यह बदलाव किसानों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ेगी. साथ ही तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. इसे मानसून से पहले की शुरुआती गतिविधि माना जा रहा है.
पूर्वोत्तर में भारी बारिश और तूफान
पूर्वोत्तर भारत में पहले से ही मौसम सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई इलाकों में आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना रहेगा. निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए ही यात्रा करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें.
क्या यह मानसून की शुरुआत है?
नहीं, यह मानसून नहीं है. यह प्री-मानसून गतिविधियां हैं. यह गर्मी के बाद होने वाला प्राकृतिक बदलाव है. इससे अस्थायी राहत मिलती है, लेकिन असली मानसून जून में आता है.
80 किमी/घंटा की हवा कितनी खतरनाक होती है?
इतनी तेज हवा पेड़ गिरा सकती है. बिजली के खंभे टूट सकते हैं. कच्चे मकानों को नुकसान हो सकता है. इसलिए ऐसी स्थिति में घर के अंदर रहना सुरक्षित होता है.
किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
फसल को सुरक्षित रखें. खुले में रखे अनाज को ढक दें. बिजली गिरने से बचने के लिए खेतों में काम न करें. पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें.
क्या तापमान में बड़ी गिरावट आएगी?
शुरुआत में हल्की गिरावट होगी. 2-4 डिग्री तक कमी आ सकती है. लेकिन पूरी राहत धीरे-धीरे मिलेगी.
क्या यह हर साल होता है?
हां, प्री-मानसून गतिविधियां हर साल होती हैं. लेकिन उनकी तीव्रता हर बार अलग होती है. इस बार हवाएं ज्यादा तेज हो सकती हैं.