Mango Safety Tips: केमिकल से पके आम बन रहे जहर! एक्सपर्ट से जानिए पहचान का सही तरीका

Mango Safety Tips: केमिकल से पके आम बन रहे जहर! एक्सपर्ट से जानिए पहचान का सही तरीका


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How To Identify Chemical Mango: FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड सिक्योरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आम सहित अन्य फसलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है. यह हानिकारक केमिकल है, जिससे सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है. वहीं, इस नियम का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी है.

How To Identify Chemical Mango: गर्मियों का मौसम आते ही सभी को फलों के राजा आम का इंतजार रहता है. ज्यादातर लोगों का आम पसंदीदा फल भी है. ऐसे में सीजन आते ही सबसे पहले आम खाना चाहते हैं, लेकिन यहीं शौक आप पर शायद भारी पड़ सकता है. दरअसल, गर्मियों में सीजन से पहले ही आने वाले आम केमिकल से पकाए जाते हैं. एक्सपर्ट्स की मानें, तो यह केमिकल से पकाए आम सेहत पर प्रभाव डालते हैं. ऐसे में लोकल 18 ने एक्सपर्ट से बातचीत की और समझने की कोशिश की इससे सेहत पर क्या असर पड़ सकता है.

ज्यादा मुनाफे के चक्कर में करते केमिकल का इस्तेमाल
मार्केट में इन दिनों जो आम दिख रहे है. वह केमिकल से पका सकते हैं. भारी मांग की पूर्ति के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन FSSAI यानी फूड सेफ्टी एंड सिक्योरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आम सहित अन्य फसलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है. यह हानिकारक केमिकल है, जिससे सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है. वहीं, इस नियम का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी है.

केमिकल वाला आम करता है सेहत पर असर
बालाघाट जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर निलय जैन ने बताया कि केमिकल से पके हुए आम खाने से ही नहीं बल्कि इससे बने हुए ज्यूस के सेवन से भी स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. इसके सेवन से सबसे ज्यादा आंतरिक अंग प्रभावित होते हैं. सबसे ज्यादा किडनी पर असर पड़ता है. फिर मस्तिष्क की नसों को कमजोर बनाता है, जिससे सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है. यह फेफड़ों पर भी असर करता है. इसके अलावा लीवर और पेट से जुड़ी समस्याओं को न्योता देता है.

जितना ज्यादा पीला उतना ज्यादा खतरनाक
डॉक्टर निलय जैन बताते हैं कि आम जितना ज्यादा प्याला दिखता है. उसके केमिकल से पके होने की आशंका ज्यादा रहती है. प्राकृतिक तौर से पके हुए आम पूरी तरह पीले नहीं रहते हैं. वहीं, उसमें हल्का हरापन रहता है. ऐसे में ज्यादा पीला दिखता है, तो उसे अच्छे से देख ले.

आसान है केमिकल वालों आमों को पहचानना
केमिकल से पके आमों को पहचानने के लिए एक बाल्टी में पानी भरना चाहिए. इसमें आम डाले फिर आम तली में बैठ जाते हैं. वहीं, रसायन वाले आम पानी की सतह पर तैरते रहते हैं. केमिकल वाले फलों का छिलका कोमल या फिर झुर्रीदार दिखता है. वहीं प्राकृतिक रूप से पका आम छूने पर हल्का सख्त और दबाने पर लचीला महसूस होता है. केमिकल वाले आम की गंध तेज होती है . वहीं, प्राकृतिक आमों की खुशबू ही अलग होती है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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