इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को चोइथराम स्कूल में स्टूडेंट के साथ स्वच्छता संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ‘सरप्राइज टेस्ट’ लेकर छात्रों की स्वच्छता संबंधी समझ परखी और शहर के लगातार स्वच्छता में नंबर-1 रहने के कारणों पर चर्चा की। ‘अ फॉरवर्ड स्टेप विद मेयर’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस संवाद में महापौर ने क्लास 9वीं से 12वीं तक के छात्रों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि इंदौर लगातार स्वच्छता में अव्वल क्यों है। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन इसकी सबसे बड़ी वजह है। महापौर ने भी इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इंदौर अब एक स्वच्छता ब्रांड बन चुका है, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका आम नागरिकों और खासतौर पर युवाओं की है। उन्होंने सेग्रीगेशन (कचरा अलग-अलग करने) के महत्व को समझाया और छात्रों से शहर के बारे में उनकी जानकारी भी परखी। सीवरेज पर बड़ा खुलासा, स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल महापौर ने बताया कि शहर में रोजाना करीब 900 एमएलडी सीवरेज निकलता है, जबकि इसे ट्रीट करने की क्षमता सिर्फ 500 एमएलडी है। बाकी सीवरेज शहर की दो प्रमुख नदियों में चला जाता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद के दौरान छात्रों ने सोलर एनर्जी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, ट्रैफिक और फुटपाथ पर अवैध पार्किंग जैसे मुद्दों पर सवाल किए। साथ ही उन्होंने महापौर से यह भी पूछा कि वे नेगेटिविटी और क्रिटिसिज्म को कैसे हैंडल करते हैं। मेयर की अपील महापौर ने छात्रों से अपील की कि वे स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनें और शहर को साफ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट को भी सुझाव दिया कि ऐसे विषयों पर नियमित चर्चा कराई जाए।
Source link