May Festival List: मई महीने में कब-कब हैं व्रत और त्योहार? उज्जैन आचार्य से जानिए पूरा धार

May Festival List: मई महीने में कब-कब हैं व्रत और त्योहार? उज्जैन आचार्य से जानिए पूरा धार


May Festival List: हिंदू धर्म और पंचांग की परंपराओं के अनुसार मई का महीना आध्यात्मिक रूप से अत्यंत खास माना जाता है. अप्रैल के खत्म होते ही मई की शुरुआत श्रद्धा, भक्ति और कई पवित्र व्रत-त्योहारों के साथ होती है. इस दौरान वैशाख मास का समापन और ज्येष्ठ मास का शुभारंभ होता है, जिससे धार्मिक गतिविधियों का महत्व और बढ़ जाता है. यह समय पूजा-पाठ, व्रत-उपवास और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से शुभ और फलदायी माना जाता है.

वर्ष 2026 में मध्य प्रदेश के लिए मई का महीना खास धार्मिक संयोग लेकर आ रहा है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दौरान कई प्रमुख पर्व और व्रत पड़ेंगे, जो श्रद्धालुओं के जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार करेंगे. यह माह धर्म, भक्ति और साधना से जुड़ने का उत्तम अवसर प्रदान करेगा.

क्यों इतना महत्व रखता है ज्येष्ठ माह?
ज्येष्ठ मास में गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी, वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा और योगिनी एकादशी जैसे प्रमुख पर्व श्रद्धा से मनाए जाते हैं. इनका महत्व जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लाता है. इस दौरान लोग तीर्थ स्थलों पर स्नान करते हैं और जरूरतमंदों को ठंडा पानी व शीतल पेय वितरित करते हैं. भीषण गर्मी में इंसान ही नहीं, पशु-पक्षी भी व्याकुल हो जाते हैं, इसलिए उनके लिए पानी की विशेष व्यवस्था करना पुण्य का कार्य माना जाता है.

तारीख त्योहार और व्रत
1 मई कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयन्ती, चित्रा पूर्णनामी, वैशाख पूर्णिमा व्रत, वैशाख पूर्णिमा

2 मई नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ

5 मई एकदन्त संकष्टी, पहला बड़ा मंगल

9 मई कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी

12 मई हनुमान जयन्ती, दूसरा बड़ा मंगल

13 मई कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी

14 मई अपरा एकादशी पारण, गुरु प्रदोष व्रत

15 मई वृषभ संक्रान्ति, मासिक शिवरात्रि

16 मई वट सावित्री व्रत, शनि जयन्ती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या

18 मई रोहिणी व्रत

19 मई तीसरा बड़ा मंगल

20 मई वरदा चतुर्थी

21 मई अधिक स्कन्द षष्ठी

23 मई अधिक मासिक दुर्गाष्टमी

25 मई गंगा दशहरा

26 मई चौथा बड़ा मंगल

27 मई अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी

28 मई गुरु प्रदोष व्रत

31 मई ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा



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