MP Nursing College Scam: जबलपुर हाईकोर्ट की CBI को फटकार, 800 कॉलेजों का मांगा रिकॉर्ड

MP Nursing College Scam: जबलपुर हाईकोर्ट की CBI को फटकार, 800 कॉलेजों का मांगा रिकॉर्ड


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MP Nursing College Scam: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़े में जबलपुर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने CBI को सभी 800 कॉलेजों का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया है. साथ ही…

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Jabalpur High Court News: मध्य प्रदेश का बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है. जबलपुर हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कड़े निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने CBI से प्रदेश के सभी 800 नर्सिंग कॉलेजों का पूरा रिकॉर्ड पेश करने को कहा है.

600 कॉलेजों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने CBI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. कोर्ट ने पूछा कि जांच के दौरान जब 600 कॉलेज अपात्र पाए गए, तो उन पर अब तक कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस मामले में कोर्ट ने जांच एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा है.

उन सब अफसरों की सूची पेश करें…
हाई कोर्ट ने केवल CBI ही नहीं, बल्कि नर्सिंग काउंसिल को भी आड़े हाथों लिया है. कोर्ट ने काउंसिल से जवाब मांगा कि आखिर इन अपात्र कॉलेजों को मान्यता देने में किन लोगों की मिलीभगत थी. HC ने उन सभी अधिकारियों की सूची पेश करने का आदेश दिया है, जिन्होंने अपात्र संस्थानों को मान्यता प्रदान की थी.

परीक्षा और रिजल्ट पर जारी रहेगी रोक
इस बड़े घोटाले के चलते प्रदेश में नर्सिंग की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. हजारों छात्रों का भविष्य फिलहाल अधर में लटका हुआ है. हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्सिंग परीक्षाओं और उनके परिणामों पर लगी रोक को फिलहाल जारी रखने का फैसला किया है. अब सभी की नजरें CBI और नर्सिंग काउंसिल द्वारा पेश की जाने वाली अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं.

अगली सुनवाई 12 मई को
अधिवक्ता विशाल बघेल ने बताया कि सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि सीबीआई जांच में ‘सूटेबल’ पाए गए कॉलेजों के छात्रों को ट्रांसफर किए बिना परीक्षाएं न कराई जाएं. वहीं, दूसरी ओर नर्सिंग काउंसिल ने कोर्ट से कुछ परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने और प्रस्तावित परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति मांगी थी. इन सभी आवेदनों पर विचार करने के बाद, अदालत ने फर्जीवाड़े से संबंधित सभी रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है. मामले की अगली सुनवाई अब 12 मई को निर्धारित की गई है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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