ग्वालियर में रैबीज का खतरा बढ़ा, 22 दिन में तीसरा केस, 20 दिन बाद दिखे जानलेवा लक्षण

ग्वालियर में रैबीज का खतरा बढ़ा, 22 दिन में तीसरा केस, 20 दिन बाद दिखे जानलेवा लक्षण


Last Updated:

Gwalior News: ग्वालियर में रेबीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. पिछले 22 दिनों में यह तीसरा केस है. 36 वर्षीय राजू कुशवाह को कुत्ते के काटने के बाद वैक्सीन नहीं लगवाने से हालत गंभीर हो गई और उनमें हाइड्रोफोबिया जैसे खतरनाक लक्षण दिखाई दे रहे हैं. उनका इलाज जारी है.

Zoom

Gwalior Rabies Case: ग्वालियर जिले में रेबीज के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. पिछले 22 दिनों में यह तीसरा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों दोनों को सतर्क कर दिया है. बता दें, ताजा मामला 36 वर्षीय राजू कुशवाह का है, जिसे करीब 20 दिन पहले एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था. उस समय उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई. अब उनके शरीर में रेबीज के खतरनाक लक्षण दिखाई देने लगे हैं.

परिजनों के अनुसार, जब राजू की तबीयत बिगड़ने लगी तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने देखा कि वह पानी से डर रहे हैं, जिसे मेडिकल भाषा में हाइड्रोफोबिया कहा जाता है. यह रेबीज का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है. जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीएसएम विभाग में भेजा, जहां एंटी रेबीज इंजेक्शन दिए गए. फिलहाल, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.

अस्पताल पहुंचे डॉग बाइट के 198 मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को ही न्यू जेएएच अस्पताल और सिविल अस्पताल हजीरा में डॉग बाइट के कुल 198 मरीज पहुंचे. इनमें से लगभग 100 मरीज न्यू जेएएच के पीएसएम विभाग में आए, जिन्हें उनकी स्थिति के अनुसार पहला, दूसरा या तीसरा इंजेक्शन लगाया गया. इससे साफ है कि शहर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

डॉक्टरों का कहना है कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज से इसे रोका जा सकता है. पीएसएम विभाग के डॉ. हितेंद्र यादव ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को कुत्ता या कोई भी जानवर काट ले, तो सबसे पहले घाव को तुरंत बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए. इसके बाद बिना देर किए नजदीकी सरकारी अस्पताल जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन जरूर लगवाना चाहिए. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि कई लोग आज भी पुराने घरेलू उपाय जैसे घाव पर मिर्ची या चूना डाल देते हैं, जो गलत है और इससे संक्रमण बढ़ सकता है. सही समय पर सही इलाज ही रेबीज से बचाव का सबसे सुरक्षित तरीका है.

About the Author

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



Source link