सतना जिले के चित्रकूट स्थित सदगुरु नेत्र चिकित्सालय के हॉस्टल में बुधवार सुबह विजन टेक्नीशियन की एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मऊगंज जिले की रहने वाली छात्रा कीर्ति तिवारी बीमारी के कारण सुबह 8:30 बजे पेपर देने नहीं गई और 9:30 बजे उसका शव फंदे से लटकता मिला। कमरे से दवाइयों के पर्चे भी मिले हैं, जिससे बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने का अनुमान है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बीमारी का बोलकर पेपर देने नहीं गई, एक घंटे बाद फंदे पर मिली पुलिस के अनुसार, बुधवार को हॉस्टल में रह रही छात्राओं का पेपर था। सुबह करीब 8:30 बजे सभी छात्राएं पेपर देने चली गईं, लेकिन कीर्ति तिवारी ने बीमार होने की बात कहकर पेपर नहीं दिया। लगभग 9:30 बजे कुछ छात्राओं ने उसे फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना पहले सद्गुरु प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद चित्रकूट थाना प्रभारी गिरिजाशंकर बाजपेई मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। कमरे में मिले दवाइयों के पर्चे, माता-पिता का हो चुका है निधन मृतक छात्रा कीर्ति तिवारी जानकीकुंड चिकित्सालय में प्रशिक्षण ले रही थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रा कुछ समय से बीमार चल रही थी। उसके कमरे से पुलिस को दवाइयों के पर्चे भी मिले हैं। कीर्ति के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस ने घटना की जानकारी उसके नाना-नानी को दे दी है। हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद से सद्गुरु प्रबंधन में हड़कंप है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के सही कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके।
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