ब्लैकआउट और सायरन के बीच विदिशा में हुआ मॉक ड्रिल: हवाई हमले से निपटने का किया गया अभ्यास – Vidisha News

ब्लैकआउट और सायरन के बीच विदिशा में हुआ मॉक ड्रिल:  हवाई हमले से निपटने का किया गया अभ्यास – Vidisha News




विदिशा के पुलिस लाइन क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इसका संचालन होमगार्ड जिला कमांडेंट मयंक जैन के नेतृत्व में किया गया। एयर रेड और ब्लैकआउट का किया गया अभ्यास अभ्यास के दौरान सिविल डिफेंस की ओर से एयर रेड यानी हवाई हमले और ब्लैकआउट की स्थिति से निपटने की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल में संभावित आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए तीन अलग-अलग चरणों में सायरन बजाए गए, ताकि लोगों को अलग-अलग परिस्थितियों की समझ हो सके। पहले सायरन से दी गई चेतावनी पहले चरण में तीन मिनट का सायरन बजाकर हवाई हमले की चेतावनी दी गई और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। पहले सायरन के बाद पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट किया गया, जिसमें रोशनी बंद कर दी गई और नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए। दूसरे सायरन से खतरे की स्थिति का संकेत दूसरे सायरन के माध्यम से संभावित हमले की स्थिति को दर्शाया गया, जिससे लोगों को स्थिति की गंभीरता समझाई गई। तीसरे सायरन के बाद लोगों को बाहर निकलकर घायलों की मदद करने और राहत कार्यों में भाग लेने का अभ्यास कराया गया। बचाव और राहत कार्यों का प्रदर्शन इस दौरान सुरक्षित निकासी, खोज और बचाव अभियान, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और अन्य आपदा प्रबंधन प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल में पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स और अन्य विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अफवाहों से बचने की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट से बचें और प्रशासन का सहयोग करें। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल से जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होती है और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।



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