MLA मसूद पहुंचे वक्फ बोर्ड, रुबात मुद्दे पर नाराज: बोले- सबा अली खान पर केस दर्ज करें; रुबात बंद होने से हज यात्री परेशान – Bhopal News

MLA मसूद पहुंचे वक्फ बोर्ड, रुबात मुद्दे पर नाराज:  बोले- सबा अली खान पर केस दर्ज करें; रुबात बंद होने से हज यात्री परेशान – Bhopal News




भोपाल में हज यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को विधायक आरिफ मसूद वक्फ बोर्ड पहुंचे और अध्यक्ष सनवर पटेल को पत्र सौंपा। जिसमें मक्का और मदीने की रुबात मामले में मुतवल्लिया सबा अली खान पटौदी एवं सिकंदर हफीज पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करने की मांग की गई। सबा अली खान फिल्म एक्टर सैफ अली खान की बहन है। बता दें कि हज यात्रा के लिए इस साल करीब 8 हजार लोग मध्य प्रदेश से जा रहे हैं। 18 अप्रैल से भारत से पहली फ्लाइट सऊदी अरब गई थी। मध्य प्रदेश से भी हज यात्री रवाना हुए हैं। इससे पहले 10 अप्रैल को कई लोगों ने रुबात बंद होने पर विरोध जताया था। बताया था कि मक्का में करीब 210 हाजियों को प्रति व्यक्ति करीब 75 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, जबकि मदीना में पहले से ही हर हाजी पर करीब 25 हजार रुपए का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। विधायक ने यह कहा
विधायक मसूद ने कहा कि हमारी कई बार मक्का और मदीना की रुबात के मामले में सिकंदर हफीज साहब के घर पर मीटिंग हो चुकी है। जिसमें उन्ंहोने हमसे कमेटी बनाकर जल्द ही रुबात शुरू कराने का यकीन दिलाया था, लेकिन आज तक रुबातों का कोई मसला हल नहीं हो सका और हर साल हाजी रुबात मिलने की उम्मीद में रहते हैं। बावजूद उन्हें रुबात नहीं मिल पाती। जिस वजह से हाजी बहुत ही परेशानी का सामना कर रहे हैं। वक्फ की मंशा के मुताबिक हाजियों को मक्का और मदीना में ठहरने के लिए रुबात बनाई गई थी। ताकि रियासतें भोपाल के हाजी साहेबान को वहां ठहरने में किसी तरह की कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के संज्ञान के बाद मैं समझता हूं कि वक्फ बोर्ड को तुरंत सबा अली और सिकंदर हफीज पर एफआईआर दर्ज कराएं, क्योंकि सिकंदर हफीज कई बार बातों-बातों में यह बात कह चुके हैं कि मुझे किसी से कोई लेना-देना नहीं है। मैं तो दुबई शिफ्ट हो रहा हूं। वे कभी भी दुबई शिफ्ट हो जाएंगे। मुतवल्लिया सबा अली खान पटौदी और सिकंदर हफीज ने भोपाल के हाजियों के साथ धोखाधड़ी की है। इन पर पुलिस प्रकरण दर्ज कर इनके पासपोर्ट भी जब्त किए जाए। रुबात क्या है?
रुबात दरअसल मक्का और मदीना में बनी ऐसी धर्मशालाएं या सराय होती हैं, जिन्हें पुराने समय में रियासतों और नवाबी दौर में हज यात्रियों की सुविधा के लिए बनवाया गया था। इनका मकसद यह था कि संबंधित रियासतों जैसे भोपाल के हाजी वहां मुफ्त या बेहद कम खर्च में ठहर सकें। भोपाल की बेगमों ने भी अपने दौर में हाजियों के लिए मक्का-मदीना में रुबात बनवाई थीं, ताकि शहर के लोग हज के दौरान आर्थिक बोझ से बच सकें और अपनी ‘रियासती धरोहर’ का लाभ ले सकें।
रुबात सिर्फ ठहरने की जगह नहीं, बल्कि नवाबी दौर की एक ऐतिहासिक विरासत मानी जाती है। शहर की बेगमों द्वारा मक्का और मदीना में बनवाई गई इन रुबातों का उद्देश्य भोपाल, सीहोर और रायसेन के हाजियों को हज के दौरान मुफ्त या रियायती ठहरने की सुविधा देना था। यही वजह है कि आज जब ये रुबातें बंद हैं या हाजियों को उपलब्ध नहीं हो पा रहीं, तो इसे सिर्फ सुविधा का नहीं बल्कि “हक और विरासत” का मुद्दा मानकर विरोध हो रहा है।



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