देवास जिले में पंजीकृत किसानों से स्लॉट बुकिंग के आधार पर 136 गेहूं उपार्जन केंद्रों पर खरीदी की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने गुरुवार को विभिन्न गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह ने सेवा सहकारी समिति सोनकच्छ और संवरसी द्वारा संचालित देवास वेयरहाउस जामगोद, सेवा सहकारी समिति बोलासा द्वारा संचालित बीआर वेयरहाउस नेवरी फाटा, और विपणन सहकारी समिति सोनकच्छ द्वारा संचालित अन्नपूर्णा वेयरहाउस नेवरी फाटा का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने बिलिंग काउंटर, गेहूं की गुणवत्ता और तौल की जा रही बोरियों के वजन की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि तौल की जा रही बोरियों पर संबंधित किसान कोड का टैग अनिवार्य रूप से लगाया जाए। कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, छांव और बैठक व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से किसी भी प्रकार से पैसे लेने संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की। जिले में अब तक कुल 77,335 पंजीकृत किसानों में से 44,238 किसानों ने स्लॉट बुक किया है। इनमें से 28,855 किसानों ने अपनी उपज गेहूं उपार्जन केंद्रों पर बेची है। इन 28,855 किसानों से कुल 1 लाख 31 हजार 167 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए सभी उपार्जन केंद्रों पर प्रतिदिन 2250 क्विंटल गेहूं खरीदने की व्यवस्था है। ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुक करने की अवधि को 23 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है। निरीक्षण के समय जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश अहिरवार और जिला प्रबंधक एमपीडब्ल्यूएलसी प्रताप सिंह भूरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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